New Delhi News: भारत 114 राफेल फाइटर जेट्स खरीदने की बड़ी तैयारी कर रहा है। करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की इस संभावित डील ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत से घबराया पाकिस्तान अब मदद के लिए एक बार फिर चीन की शरण में पहुंच गया है। इस्लामाबाद अपनी हवाई सुरक्षा को लेकर बेहद डरा हुआ है।
चीन से 70 नए फाइटर जेट्स खरीदने की तैयारी
भारत के राफेल का मुकाबला करने के लिए पाकिस्तान ने पहले चीनी J-10CE फाइटर जेट्स खरीदे थे। अब पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर इस बेड़े को और बड़ा करना चाहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी वायुसेना चीन को 60 से 70 अतिरिक्त J-10CE लड़ाकू विमानों का ऑर्डर देने वाली है। पाकिस्तान इस विमान को राफेल के काट के रूप में देख रहा है।
विनाशकारी J-35 स्टील्थ फाइटर पर नजर
पाकिस्तान की नजर सिर्फ J-10CE पर ही नहीं है। वह चीन के पांचवीं पीढ़ी के J-35 स्टील्थ फाइटर जेट को भी हासिल करना चाहता है। ‘डिफेंस डॉट इन’ की रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान 40 J-35 जेट्स का एक बेड़ा तैयार करना चाहता है। यह विमान अभी टेस्टिंग फेज में है। अगर यह डील होती है, तो यह पाकिस्तान का पहला स्टील्थ विमान होगा।
JF-17 को अपग्रेड करने का मास्टरप्लान
चीन से नए विमान खरीदने के साथ-साथ पाकिस्तान अपने पुराने हथियारों को भी धार दे रहा है। वह ‘प्रोजेक्ट एजम’ में बड़ा निवेश करने की योजना बना रहा है। इसका मकसद मौजूदा JF-17 विमानों को अपग्रेड करना है। इसमें नई तकनीक के रडार और इंजन लगाए जाएंगे। पाकिस्तान अगले 20 सालों के लिए अपनी वायुसेना को तैयार करने की कोशिश में जुटा है।
अमेरिका के F-16 पर अभी भी भरोसा
चीन की तरफ झुकने के बाद भी पाकिस्तान अमेरिकी F-16 विमानों का मोह नहीं छोड़ पाया है। यह आज भी उसके एयर डिफेंस की रीढ़ बना हुआ है। अमेरिका ने हाल ही में इसके रखरखाव के लिए 686 मिलियन डॉलर का पैकेज मंजूर किया है। पाकिस्तान यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसका F-16 बेड़ा 2040 तक काम करता रहे। इसके अलावा वह तुर्किए के KAAN फाइटर जेट प्रोग्राम में भी घुसने की कोशिश कर रहा है।
