आरटीआई एक्टिविस्ट का आरोप खाली जमीन को छोड़ राजस्व विभाग की निशानदेही को दरकिनार कर रहा महकमा

कैप्टन शेर सिंह

उपमंडल गोहर में सरकारी भूमि पर कुंडली मारे बैठे लोगों के अवैध कब्जों का जिन्न एक बार फिर से बाहर निकलने को बेताब होता जा रहा है। आरटीआई एक्टिविस्ट शेरसिंह ठाकुर ने अबकी बार सीधे लोक निर्माण विभाग को टारगेट किया है। उनका आरोप है कि राजस्व विभाग द्वारा दी गई निशानदेही में दर्जनों अवैध कब्जाधारियों के कब्जे सामने आने के बावजूद भी महकमा कब्जे छुड़ाने में कोताही बरत रहा है। लोक निर्माण विभाग चिन्हित अवैध कब्जों में मात्र लीपापोती कर निष्पक्ष कार्रवाई करने में पूरी तरह से गुरेज कर रहा है। आरोप लगाया है कि पीडब्ल्यूडी डिवीजन गोहर द्वारा शामिल की गई मशीनरी अवैध कब्जों को छुड़ाने की एवज में मात्र खाली भूमि पर अपनी मुस्तैदी दिखा रहा है। जबकि पक्के कब्जों को छुड़ाने में फिस्सडी साबित हुआ है।

शेरसिंह ने कहा कि उन्हें सूचना का अधिकार कानून 2005 के तहत 23 मार्च 2016 को प्राप्त हुई सूचना के आधार पर लो.नि.वि. गोहर ने स्वंय कहा है कि चैल मौवीसेरी सड़क मार्ग कोहलू तक कुल 34 लोग अवैध कब्जेधारी पाए गए थे। जिनमें 7 लोग ऐसे हैं जो अवैध कब्जे नहीं छोड़ पाए हैं। लेकिन खेद है कि लो.नि.वि. ने अभी तक ऊक्त लोगों से कब्जे बहाल करने में कोई कार्रवाई नहीं की है। जबकि सड़क मार्ग पर सरकार का करीब 11 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है। उसी तरह चैलचौक सब्जीमंडी से लेकर गनई चौक तक मई 2016 को सरकारी रिकॉर्ड में 24 अवैध कब्जाधारी सामने आए। जिसमें एक दर्जन से अधिक लोगों के पक्के अवैध कब्जे शामिल दर्शाए गए। लेकिन पीडब्ल्यूडी महकमे की मशीनरी राजस्व विभाग द्वारा दी गई निशानदेही में आए पक्के अवैध कब्जों को दरकिनार कर खाली भूमि को समेटने तक सीमित पाई जा रही है। शेरसिंह ने लोक निर्माण विभाग को आगाह किया है कि जिस तरह विभाग ने कुछ लोगों के कब्जे छुड़ाने में रुचि दिखाई है। उसी तरह पक्षपात की नीति छोड़ सबके साथ निष्पक्ष कार्रवाई अमल में लाएं। अन्यथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारी ही उत्तरदायी होंगे।

“लोक निर्माण विभाग चिन्हित अवैध कब्जाधारियों से अपनी भूमि बहाल करने के लिए कार्रवाई कर रहा है, विभाग की ओर से अनेकों कब्जे छुड़वा लिए गए हैं। जो अवैध कब्जाधारी बचे हुए उनमें ज्यादातर ने विभाग को स्वंय कब्जे तोड़ने को कहा था। लेकिन अब विभाग ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाएगा। जिन्होंने स्वंय कब्जे तोड़ने की आड़ में विभाग को गुमराह किया हो। जरूरत पड़ी तो विभाग अपनी भूमि पूरी करने के लिए फिर भी निशानदेही करवा सकता है” रमेशसिंह खालसा अधिशाषी अभियंता लोनिवि मंडल गोहर।

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