Sports News: भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु का मलेशिया ओपन सफर समाप्त हो गया। उन्होंने शनिवार को सेमीफाइनल में चीन की वांग झियी से हार मान ली। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु को दो सीधे गेम में शिकस्त मिली। मैच का स्कोर 16-21 और 15-21 रहा।
यह मैच पीवी सिंधु के लिए एक चुनौतीपूर्ण टक्कर थी। चोट से उबरने के बाद यह उनका पहला प्रमुख टूर्नामेंट था। उन्होंने मैच में कई बार अच्छी बढ़त बनाई। लेकिन अंत तक दबाव बनाए नहीं रख सकीं। वर्ल्ड नंबर दो वांग झियी ने अपने अनुभव का लाभ उठाया।
पहले गेम में दिखी सिंधु की शुरुआती ताकत
पीवीसिंधु ने पहले गेम की शुरुआत जोरदार तरीके से की। उन्होंने अपने मजबूत क्रॉस-कोर्ट स्मैश से 5-2 की बढ़त हासिल की। चीनी खिलाड़ी ने हल्के टच शॉट्स से बराबरी कर ली। सिंधु एक बार फिर 9-7 से आगे निकल गईं। लेकिन वांग ने तेजी से वापसी की।
गेम का स्कोर 13-13 के बाद बराबरी पर पहुंच गया। वांग झियी ने आक्रामक शॉट्स से दबाव बनाना शुरू किया। उन्होंने लगातार अंक हासिल कर 18-14 की बढ़त बना ली। सिंधु के एक शॉट के बाहर जाने के साथ ही पहला गेम चीनी खिलाड़ी के नाम हो गया।
दूसरे गेम में गंवाई 11-6 की अच्छी बढ़त
दूसरेगेम की शुरुआत सिंधु के लिए अच्छी नहीं रही। वह शुरुआती गलतियों के कारण 1-3 से पीछे चल रही थीं। लेकिन उन्होंने तुरंत वापसी करते हुए 6-3 की बढ़त बना ली। सिंधु ने कोर्ट के कोनों में तेज एंगल से शॉट लगाए।
इस प्रयास से उन्हें मध्यावकाश तक 11-6 की बढ़त मिल गई। ब्रेक के बाद मैच फिर से शुरू हुआ तो वांग ने जोरदार वापसी की। सिंधु ने परफेक्ट नेट शॉट्स से जवाब दिया और 13-9 तक आगे बनी रहीं। लेकिन फिर गेम का पासा पलट गया।
अनुभवी वांग झियी ने बदली मैच की रूपरेखा
वांग झियीने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने लंबी रैलियों में सिंधु को थकाने की रणनीति अपनाई। सिंधु के कई शॉट नेट पर लगे या बाहर चले गए। इससे वांग को बराबरी करने का मौका मिल गया। स्कोर फिर से 13-13 हो गया।
चीनी खिलाड़ी ने इसके बाद लगातार तीन अंक हासिल किए। उन्होंने 16-13 की मजबूत बढ़त बना ली। सिंधु इस दबाव का सामना नहीं कर पाईं। अंत में वांग झियी ने 21-15 से दूसरा गेम अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही मैच का फैसला हो गया।
चोट के बाद पहला टूर्नामेंट था मलेशिया ओपन
यह टूर्नामेंट पीवीसिंधु के लिए विशेष महत्व रखता था। वह पैर की चोट के बाद पहली बार किसी प्रतियोगिता में उतरी थीं। सेमीफाइनल तक पहुंचना अपने आप में एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने टूर्नामेंट में कई कड़े मुकाबले जीते थे।
सिंधु की फिटनेस और फॉर्म पर अभी और काम करने की जरूरत है। ओलंपिक साल में यह टूर्नामेंट उनके लिए एक जांच थी। उन्होंने अपनी ताकत और कमजोरियों दोनों को बेहतर ढंग से समझा होगा। आने वाले टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।
इस हार के बावजूद सिंधु के प्रशंसक उनके भविष्य को लेकर आशान्वित हैं। एक महान खिलाड़ी होने के नाते वह इससे उबरेंगी। उनका फोकस अब आगामी प्रतियोगिताओं पर होगा। विशेष रूप से ओलंपिक के लिए तैयारी और महत्वपूर्ण हो जाती है।

