Himachal News: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने प्रदेशवासियों को जलजनित बीमारियों से बचाने और हर घर तक शुद्ध पानी पहुँचाने के लिए 2000 करोड़ रुपये की विशाल योजना तैयार की है। उपमुख्यमंत्री और जलशक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का एलान करते हुए कहा कि अब राज्य में जल शुद्धिकरण के लिए दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा। कुटलैहड़ के बंगाणा में आयोजित जनसभा के दौरान उन्होंने बताया कि इस योजना से न केवल पानी की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि जल प्रबंधन के क्षेत्र में हिमाचल एक मिसाल बनेगा।
आधुनिक फिल्टरेशन सिस्टम से बीमारियों पर लगाम
उपमुख्यमंत्री ने साफ किया कि इस भारी-भरकम बजट का बड़ा हिस्सा अत्याधुनिक वाटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम लगाने पर खर्च होगा। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को वैसा ही शुद्ध पानी मिले जैसा बड़े शहरों में मिलता है। मुकेश अग्निहोत्री ने बंगाणा में लठियाणी और धुंदला क्षेत्र के लिए 15 करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजनाओं का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि जलशक्ति विभाग इस पूरी योजना को चरणबद्ध तरीके से जमीन पर उतारेगा ताकि हर परिवार को स्वच्छ पेयजल की गारंटी मिल सके।
ऊना और कुटलैहड़ में विकास की लहर
जल प्रबंधन की चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अकेले ऊना जिले में पेयजल और सिंचाई के लिए 1000 करोड़ रुपये के काम चल रहे हैं। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहाँ 121 करोड़ रुपये की लागत से 16 अलग-अलग योजनाओं पर काम तेज हो गया है। इन योजनाओं में पीने के पानी के साथ-साथ सिंचाई और सीवरेज सिस्टम को भी बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय विधायक विवेक शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही क्षेत्र में विकास कार्यों को नई रफ्तार मिली है।
पंजाब को नसीहत और बकाया राशि का मुद्दा
मुकेश अग्निहोत्री ने एक बार फिर पड़ोसी राज्य पंजाब को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पंजाब के वित्त मंत्री को नसीहत दी कि वह हिमाचल पर टिप्पणी करने के बजाय अपने राज्य के 4.50 लाख करोड़ रुपये के कर्ज की फिक्र करें। उपमुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद पंजाब बीबीएमबी (BBMB) के हिस्से के 4500 करोड़ रुपये हिमाचल को नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल अपने हक की लड़ाई लड़ना जानता है और अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


