Himachal News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पंजाब सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने ‘पंजाब केसरी’ अखबार की प्रिंटिंग प्रेस पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। जयराम ठाकुर ने इसे लोकतंत्र और प्रेस की आजादी पर सीधा प्रहार बताया है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार सच की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने इस कार्रवाई को आपातकाल जैसा बताया है।
सरकार की तानाशाही मानसिकता
जयराम ठाकुर ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र की रीढ़ होती है। लेकिन पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार आलोचना से घबरा गई है। वह पुलिस बल का दुरुपयोग करके मीडिया का गला घोंटना चाहती है। यह प्रयास आपातकाल की काली यादों और तानाशाही मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार की यह बौखलाहट साबित करती है कि सत्ता में बैठे लोग सच से डरते हैं।
सच लिखने की मिल रही सजा
यह पूरा विवाद 31 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित एक खबर के बाद शुरू हुआ। जयराम ठाकुर ने बताया कि एक संतुलित समाचार छपने के बाद सरकार ने मीडिया हाउस को निशाना बनाना शुरू कर दिया। सबसे पहले 2 नवंबर से सभी सरकारी विज्ञापन बंद किए गए। इसके बाद बदले की भावना से कार्रवाई शुरू हुई। सरकार ने अपनी कमियां सुधारने के बजाय अखबार को ही दुश्मन मान लिया है।
सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने कई विभागों को अखबार के पीछे लगा दिया है। एफएसएसएआई (FSSAI), जीएसटी, आबकारी विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जरिए लगातार छापे मारे जा रहे हैं। हद तो तब हो गई जब बिजली कनेक्शन काट दिए गए और लाइसेंस रद्द करने की धमकी दी गई। प्रेस परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। हालांकि, जयराम ने याद दिलाया कि यह मीडिया समूह आतंकवाद और पुराने आपातकाल के दौर में भी नहीं झुका था।
