Punjab News: पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 में अभी वक्त है, लेकिन कांग्रेस के भीतर सियासी घमासान शुरू हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मामला ‘जट्ट सिख बनाम दलित’ विवाद का है। चन्नी ने पार्टी में बड़े पदों के बंटवारे पर सवाल उठाए हैं। खबरों के मुताबिक, शनिवार को चंडीगढ़ में एससी सेल की बैठक के दौरान यह विवाद इतना बढ़ गया कि चन्नी का माइक तक बंद कर दिया गया।
दलितों की अनदेखी का उठाया मुद्दा
सूत्रों के मुताबिक, एससी सेल की बैठक में चन्नी ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस में दलितों को उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। चन्नी ने सवाल दागा कि पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और छात्र विंग (NSUI) का अध्यक्ष, तीनों पद जट्ट सिखों के पास क्यों हैं? उन्होंने तर्क दिया कि राज्य में 32 फीसदी दलित आबादी है। इसके बावजूद उन्हें नेतृत्व में हिस्सेदारी नहीं मिल रही है।
मीटिंग में हुई नारेबाजी, माइक बंद
जिस समय चन्नी यह मुद्दा उठा रहे थे, मंच पर कई बड़े नेता मौजूद थे। इनमें एआईसीसी एससी सेल के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग शामिल थे। चन्नी के बयान पर बैठक में मौजूद एससी नेताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को संभालने के लिए कथित तौर पर चन्नी को बोलने से रोका गया और उनका माइक बंद कर दिया गया। हालांकि, इस घटना का वीडियो अभी सामने नहीं आया है।
राजा वड़िंग का करारा जवाब
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस घटना को पार्टी का अंदरूनी मामला बताया। हालांकि, उन्होंने चन्नी को कड़ा जवाब भी दिया। वड़िंग ने कहा कि 2022 के चुनाव में चन्नी दो सीटों से हार गए थे। इसके बावजूद पार्टी ने उन पर भरोसा जताया और सांसद बनवाया। कांग्रेस ने उन्हें सबसे ताकतवर कमेटी CWC का मेंबर भी बनाया है। वड़िंग ने साफ कहा कि कांग्रेस जाति या धर्म के आधार पर फैसले नहीं लेती है।
विवाद बढ़ने पर चन्नी की सफाई
मामला तूल पकड़ता देख चरणजीत सिंह चन्नी ने अब अपने सुर बदल लिए हैं। उन्होंने खुद को इस विवाद से अलग करने की कोशिश की है। चन्नी ने कहा कि वह गुरुओं की ‘मानस की जात सब एक पहचानो’ वाली सोच को मानते हैं। उन्होंने दावा किया कि बैठक में उन्होंने किसी खास समुदाय के खिलाफ कुछ नहीं बोला। चन्नी ने इसे अपने खिलाफ झूठा प्रोपेगैंडा बताया। उन्होंने कहा कि वह पंजाब को एक गुलदस्ते की तरह देखते हैं और सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं।
