पंजाब में नववर्ष की रात को इंज्वाय करने के लिए सरकार द्वारा छूट नहीं दी गई जिसने होटल इंडस्ट्री सहित लाखों लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कर्फ्यू के चलते पंजाब में जारी पाबंदियों के कारण अधिकतर होटलों द्वारा बड़े कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया गया जिसके चलते लोगों ने हिमाचल जाकर नववर्ष मनाने को महत्व दिया। इसी क्रम में 31 दिसम्बर का जश्न मनाने के लिए लाखों लोग हिमाचल की कंपकपाती ठंड में पहुंचे और सादगी भरे हर्ष-उल्लास के माहौल में नववर्ष का स्वागत किया।null

हिमाचल में भी कर्फ्यू के चलते 31 की देर रात तक जनतक स्थानों पर जश्न मनाने की इज्जात नहीं थी, लेकिन वहां पर हुई बर्फबारी ने पर्यटकों को अपनी और आकर्षित किया। लोगों ने प्रशासन द्वारा दी गई छूट के समय से पहले तक सर्द हवाओं के बीच खूब इंज्वाय किया। पर्यटकों का कहना था कि पंजाब में भी 31 की रात को कर्फ्यू है व हिमाचल में भी कर्फ्यू चल रहा है लेकिन पंजाब में नववर्ष का आगाज करने से बेहतर हिमाचल का विकल्प है, इसलिए वह यहां पहुंचे हैं।

आम तौर पर नववर्ष के जश्न की शुरूआत रात को 8 बजे के बाद होती है लेकिन हिमाचल के शिमला सहित विभिन्न हिल स्टेशनों में पहुंचे पर्यटकों ने दोपहर से ही पार्टी करना शुरू कर दिया। इस क्रम में लोग शिमला से ऊपरी स्टेशनों जैसे कुफरी, नालदेरा में जाकर मौसम का लुत्फ उठाते रहे। बर्फ के साथ फोटोग्राफी में लोगों ने काफी समय व्यतीत किया। सूचना के मुताबिक शिमला, डलहौजी, चंबा, धर्मशाला सहित मुख्य हिल स्टेशनों पर 31 दिसम्बर की शाम तक 50 हजार से अधिक गाडियां पहुंची। वहीं पंजाब सहित कई राज्यों से बसें भी भारी संख्या में हिमाचल को आती-जाती रही। इस क्रम में पंजाब से हिमाचल जाने वाली बसों की सीटें फुल रही जिसके चलते विभिन्न राज्यों के परिवहन विभाग को खासा लाभ हुआ।

शिमला पहुंचे लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस द्वारा मुख्य हिल इलाकों में सुरक्षा प्रबंधों को लेकर खासी सर्तकता अपनाई गई। वहीं पंजाब सहित अन्य राज्यों से आने वाली गाडिय़ों की चैकिंग की बड़े स्तर पर हुई। कई जगह पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है। वहीं शिमला के होटलों में 50 व्यक्तियों की मौजूदगी वाली छोटी पार्टियों का प्रबंध किया गया। उक्त पार्टियां शाम ढलने से पहले ही शुरू हो गई जिसमें खूब इंज्वाय किया। इन आयोजनों में बच्चों के लिए खास तौर पर झूले व अन्य इंतजाम किए गए ताकि माहौल को पारिवारिक बनाया जा सके।

हिमाचली ड्रैस में फोटो खिंचवाने को दिखा क्रेज
हिमाचली ड्रैस में फोटो खिंचवाने को लेकर लोगों में खासा क्रेज देखने को मिल रहा है। इस क्रम में वहां के स्थानीय फोटोग्राफर उपलब्ध हैं, जिनके पास हिमाचल ड्रैस होती है। उक्त व्यक्ति फोटो का प्रिंट बनाकर देते हैं। प्रति फोटो का 150 से 200 रुपए या इससे अधिक भी वसूल किए जाते हैं। व्यक्ति यदि केवल हिमाचली ड्रेस पहनकर अपने मोबाइल से फोटो खिंचना चाहता है तो उसकी इजाजत नहीं दी जाती। हिमाचली ड्रैस में फोटो के लिए व्यक्ति को फोटो का प्रिंट करवाना पड़ता है। जो व्यक्ति फोटो बनवाने के पैसे चुकाता है, वह अपने मोबाइल से भी फोटो ले सकता है। भले ही मोबाइल फोन ने फोटो का काम कम किया है लेकिन आजकल फोटोग्राफी का भी खूब सीजन चल रहा है।

लंबी कतारों के चलते घंटों लंबा हुआ सफर
बड़ी संख्या में लोगों द्वारा हिमाचल जाने के चलते वहां पर कई सड़कों पर लम्बा ट्रैफिक जाम देखा जा रहा है। सफर में घंटों का अधिक समय लग रहा है। इस बार इतने पर्यटकों के आने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन जितने सैलानी पहुंचे हैं उससे हिमाचल की पर्यटन से जुड़ी इंडस्ट्री को बेहद लाभ हुआ है। लोगों के अधिक रश के चलते छोटे-बड़े सामान बेचने वाले व होटल व्यवसाए से जुड़े लोग बेहद खुश हैं। जो लोग हिमाचल गए हैं, वह कुछ दिन वहां गुजारकर वापस लौटेंगे।

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