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असम पहुंची प्रियंका गांधी, आज और कल दो दिन में करेंगी आधा दर्जन जनसभाएं

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी रविवार को दो दिवसीय दौरे पर असम पहुंची हैं। यहां वो 21 और 22 मार्च को लगभग आधे दर्जन जनसभाओं को संबोधित करेंगी। जोरहट में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रियंका ने प्रधानमंत्री पर तंज कसा।

क्या प्रधानमंत्री कभी चाय बागान गए
कांग्रेस महासचिव ने पूछा, क्या प्रधानमंत्री कभी चाय बागान गए, वहां महिला कार्यकर्ताओं से मिले? चाय बागान मजदूरों को दिहाड़ी के रूप में 350 रुपये प्रतिदिन देने का वादा करने वाले पीएम को अभी तक अपना दर्द महसूस नहीं हुआ है?

हम भाजपा को कड़ी टक्कर दे रहे हैं
प्रियंका ने आगे कहा, हम भाजपा को कड़ी टक्कर दे रहे हैं, हम बहुत आश्वस्त हैं। हमारा प्रयास असम के लोगों के विकास, जरूरतों की बात करना और उनकी संस्कृति और पहचान को संरक्षित करना और उनका संरक्षण करना है।

क्या आपको 25 लाख रोजगार मिले?
पिछले चुनाव में भाजपा ने आपसे बहुत से वादा किए थे। आपसे कहा था कि 25 लाख रोजगार मिलेंगे। क्या वो रोजगार आपको मिले? उन्होंने कहा था सीएए लागू नहीं करेंगे। लेकिन सत्ता में आते ही सीएए लागू करने की बात की।

चाय बागान के लोगों को दोगुनी मजदूरी का भरोसा
उधर, जीत की आस के साथ असम पहुंचे राहुल गांधी युवाओं को नौकरी और चाय बागान के लोगों को दोगुनी मजदूरी का भरोसा दे रहे हैं। राहुल से पहले प्रियंका गांधी भी असम के चाय बागानों में पहुंचीं और लोगों से मिली थीं।

राहुल ने महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा
इससे पहले असम में अपना संबोधन से पहले आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने ट्वीट कर महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए लिखा, इस सरकार ने क्या बढ़ाया? बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी और सिर्फ मित्रो की कमाई।

आरएसएस व मोदी सरकरा पर राहुल का हमला
इससे पहले असम के डिब्रूगढ़ पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी बिना नाम लिए आरएसएस व मोदी सरकरा पर हमला बोला। इसके साथ ही उन्होंने बेरोजगारी, सीएए और किसान आंदोलन जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि असम के लोगों को दिल्ली जाने के बाद अपनी संस्कृति और भाषा नहीं भूलनी चाहिए। नागपुर में पैदा हुई एक सेना पूरे देश को नियंत्रित कर रही है। 

असम की आवाज पर असम का नियंत्रण होना चाहिए
राहुल ने कहा, लोकतंत्र का मतलब असम की आवाज पर असम का नियंत्रण होना चाहिए। अगर हम इसमें छात्रों को शामिल नहीं करते हैं तो यहां लोकतंत्र हो ही नहीं सकता। युवाओं को सक्रिय रूप से राजनीति में आना चाहिए और असम के लिए लड़ना चाहिए। जब आपको लगता है कि आपका राज्य लूटा जा रहा है तो आपको युद्ध लड़ना चाहिए, लेकिन प्यार से, लाठी-पत्थरों से नहीं।

क्या हुआ वादा?
राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा ने चाय बागान के मजदूरों को 351 रुपये दिहाड़ी दिलाने का वादा किया था, लेकिन उन्हें 167 रुपये ही मिल रहे हैं। मैं नरेंद्र मोदी नहीं हूं। मैं झूठ नहीं बोलता हूं। गौरतलब है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी कुछ दिन पहले असम का दौरा कर चुकी हैं। उस दौरान बागान में चाय की पत्तियां तोड़ते हुए उनकी तस्वीर काफी वायरल हुई थी।

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