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कर्ज तले दबे राज्य के निजी स्कूल, डेढ़ साल से खड़ी बसों में लगा जंग, बैंक भेज रहे नोटिस

आज डेढ़ वर्ष से ऊपर समय हो गया है, जितने भी निजी स्कूल हैं, उनकी बसें खड़ी हैं और बसों को जंग लग चुका है। बैंकों का जो कर्ज लिया है, उस पर लगातार ब्याज बढ़ रहा है और अब बैंकों से नोटिस आने भी शुरू हो गए हैं।

ये शब्द हिमाचल प्रदेश निजी स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष डा. गुलशन कुमार ने कहे। उन्होंने कहा कि  निजी स्कूल अपने बस चालकों को अपनी जेब से सैलरी दे रहे हैं, कई खड़ी बसें खराब होने लग पड़ी हैं, बसों की बैटरियां, कलपुर्जे इत्यादि खत्म हो चुके हैं।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि बैंकों से जो कर्ज लिया है, उस पर जो ब्याज लगातार बढ़ रहा है, उसे माफ किया जाए और बैंक कर्ज की समय सीमा बढ़ाई जाए। इसके अलावा बसों का टैक्स माफ किया जाए, नहीं तो सभी स्कूल बंद हो जाएंगे।

 श्री गुलशन ने कहा कि आज सभी निजी स्कूल सरकार द्वारा दी जा रही कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं, बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है तथा स्कूलों द्वारा अध्यापकों को सैलरी दी जा रही है, लेकिन पैसा कहीं से नहीं आ रहा है।

आज लॉकडाउन के कारण हर वर्ग परेशान है, लेकिन सरकार द्वारा कोई भी सहायता निजी स्कूलों को नहीं मिल रही है। उन्होंने सभी बच्चों से आग्रह किया कि सभी बच्चे घर से बाहर न निकले और सरकार द्वारा दी जा रही कोविड-19 की सावधानियों के बारे जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रति कोई जानकारी लेनी हो, तो बच्चे ऑनलाइन या फोन द्वारा भी अपने-अपने स्कूलों में संपर्क करके प्राप्त कर सकते हैं।

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