राजस्व विभाग के प्रधान सचिव एवं वित्त आयुक्त (राजस्व) ने अधिकारियों को दिए निर्देश

हमीरपुर। राजस्व विभाग के प्रधान सचिव एवं वित्त आयुक्त (राजस्व) ओंकार चंद शर्मा ने जिला के राजस्व अधिकारियों को राजस्व कार्यों में तेजी लाने तथा सभी लंबित मामलों को निर्धारित समय अवधि में निपटाने के निर्देश दिए हैं। वीरवार को यहां हमीर भवन में जिला के सभी उपमंडलों, तहसीलों और उपतहसीलों के राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान ओंकार चंद शर्मा ने ये निर्देश दिए।
 

उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजस्व व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधान सचिव ने कहा कि राजस्व अधिकारी सभी राजस्व मामलों को तत्परता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ निपटाएं। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग प्रदेश की रीढ़ है। इसलिए विभाग के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में आम लोगों से जुड़े मामलों को व्यक्तिगत प्रयासों से प्राथमिकता के आधार पर हल करें। जमीन के इंतकाल और अन्य सभी राजस्व कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।

अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इन कार्यों के लिए आम लोगों को दफ्तरों के बार-बार चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने कहा कि जमीन से संबंधित कई मामलों को खानगी के माध्यम से आसानी से निपटाया जा सकता है। इस दिशा में फील्ड के पटवारी और कानूनगो अगर लोगों को खानगी के लिए प्रेरित करें तो जमीन संंबंधी विवादों में काफी कमी लाई जा सकती है। ओंकार चंद शर्मा ने इसके लिए आम लोगों को प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी एसडीएम से कहा कि वे हर सप्ताह कम से कम दो या तीन बार अपनी अदालतें अवश्य लगाएं। फील्ड के राजस्व अधिकारी ई-रोजनामचा बनाएं और उसमें प्रतिदिन की सभी गतिविधियों का उल्लेख करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग प्रदेश की रीढ़ है और विभाग के अधिकारी-कर्मचारी अपने सभी सामान्य कार्यों के अलावा आपदा प्रबंधन तथा कई अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में भी सक्रिय योगदान देते हैं। विभाग के कार्यों में दक्षता लाने और अधिकारियों-कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए इनके व्यक्तिगत मुद्दों को भी हल किया जा रहा है। तहसीलदार और नायब तहसीलदार के पदों की संख्या बढ़ाई गई है तथा पर्याप्त संख्या में पटवारियों की भर्ती भी की गई है। इससे जहां विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति के अवसर मिल रहे हैं, वहीं युवाओं के लिए भी रोजगार के द्वार खुल रहे हैं।
 

बैठक में प्रधान सचिव ने जिला हमीरपुर में जारी स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत जिला के 1505 आबादी देह गांवों में लोगों को मालिकाना हक प्रदान किए जाएंगे। ड्रोन सर्वे को तेजी से पूरा करने के लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग की मदद से 7 ड्रोन लगाए गए हैं। अभी तक जिला के 920 आबादी देह गांवों में ड्रोन सर्वे हो चुका है। 660 गांवों का पहला मानचित्र भी आ चुका है। प्रधान सचिव ने अधिकारियों से कहा कि स्वामित्व योजना से संबंधित सभी कार्यों को अगले माह तक पूरा करने के लिए वे मिशन मोड में कार्य करें। बैठक में राजस्व विभाग के अन्य कार्यों तथा अदालतों में लंबित मामलों की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
 

इस अवसर पर उपायुक्त देबश्वेता बनिक ने कहा कि राजस्वकार्यों के संबंध में प्रधान सचिव की ओर से जारी सभी दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में जिला राजस्व अधिकारी देवी राम ने विभिन्न मामलों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस मौके पर जिला के सभी उपमंडलों के एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित थे।

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