Iran News: ईरान में पिछले तीन हफ्तों से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। बढ़ती महंगाई और गुस्से के बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने देश में हो रही हिंसा के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। राष्ट्रपति ने साफ कहा है कि ईरान के दुश्मन देश यहां अशांति फैलाना चाहते हैं। उन्होंने दंगाइयों को चेतावनी देते हुए जनता से सरकार पर भरोसा रखने की अपील की है।
राष्ट्रपति की दंगाइयों को सख्त चेतावनी
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान रविवार को सरकारी टीवी चैनल पर देश को संबोधित कर रहे थे। पिछले तीन दिनों में तेज हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक बयान था। उन्होंने कहा कि दंगाइयों को समाज को नुकसान पहुंचाने की छूट नहीं दी जा सकती। राष्ट्रपति ने ईरान की जनता से अपील की है कि वे दंगाइयों को अव्यवस्था फैलाने से रोकें। उनका कहना है कि सरकार न्याय स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए लोगों को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए।
अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप
पेजेशकियान ने दावा किया कि ईरान में दंगे भड़काने की कोशिश बाहरी ताकतें कर रही हैं। उन्होंने कहा कि 12 दिन के युद्ध के बाद अब दुश्मन देश यहां अराजकता फैलाना चाहते हैं। राष्ट्रपति ने हिंसा करने वालों को ‘आतंकी तत्व’ करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की बात सुनने को तैयार है। लेकिन जो लोग हिंसा का सहारा लेकर समाज को तोड़ना चाहते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
इजरायल ने सेना को किया हाई अलर्ट
इस बीच, इजरायल के विदेश मंत्री ने ईरान के प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है। उन्होंने इसे लोगों की ‘स्वतंत्रता का संघर्ष’ बताया है। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इस खतरे को देखते हुए इजरायल ने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, इजरायल हाई अलर्ट पर है और किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, जमीन पर क्या कदम उठाए गए हैं, इसका खुलासा नहीं किया गया है।
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हुई बात
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच फोन पर बातचीत हुई है। शनिवार को हुई इस चर्चा में ईरान में अमेरिकी दखल की संभावनाओं पर बात की गई। यह मुद्दा इजरायल की सुरक्षा बैठकों में भी छाया रहा। इससे पहले, डोनाल्ड ट्रंप ने भी चेतावनी दी थी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर हिंसा नहीं रुकी, तो अमेरिका मदद के लिए आगे आएगा।
