अलीगढ़ के अकराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की 14 वर्षीय किशोरी की दुष्कर्म की कोशिश के दौरान हत्या का खुलासा पुलिस ने बुधवार सुबह कर दिया। इस वारदात को बगल के खेत में पानी डाल रहे पड़ोसी गांव के 17 वर्षीय किशोर ने अंजाम दिया। उस समय वह अपने मोबाइल में पॉर्न फिल्म देख रहा था। आरोपी ने पकड़े जाने के डर से दुपट्टे से गला घोंटकर किशोरी को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेशी के बाद बाल सुधार गृह आगरा भेज दिया है। आईजी रेंज पीयूष मोर्डिया व एसएसपी मुनिराज जी ने बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि बीते 28 फरवरी को किशोरी का शव गेहूं के खेत में मिला था। इसके बाद पुलिस की पांच टीमें घटना के खुलासे में लगाई गई थीं। सबसे पहले यह पता लगाया गया कि कौन-कौन लोग घटना के वक्त आसपास काम कर रहे थे। इस जांच में पड़ोसी गांव के दो नाम सामने आए। इनमें एक किशोर (17) था। दोनों को हिरासत में लेकर जब पूछताछ शुरू हुई तो किशोर पुलिस को बरगलाने लगा। बस यहीं से उस पर संदेह होता चला गया। लगातार हुई पूछताछ के बाद मंगलवार को क्राइम सीन के रिक्रिएट किया गया। इस दौरान किशोरी की नानी, मां व परिवार के कुछ अन्य सदस्यों को भी बुलाया गया था। इससे किशोर पर संदेह के तथ्यों की पुष्टि होती चली गई। 

आरोपी किशोर ने घटनास्थल से 500 मीटर दूरी पर गेहूं के एक खेत से मृत किशोरी की चप्पलें बरामद कराईं। साथ ही बताया कि दुपट्टा उसने गांव के रास्ते में पड़ने वाले रजवाहे में फेंक दिया था, जो तेज बहाव होने के कारण पानी में बहता चला गया। प्रेसवार्ता में एसपी देहात शुभम पटेल, एसपी क्राइम डॉ. अरविंद, एएसपी विकास कुमार, सीओ बरला सुमन कनौजिया भी मौजूद रहे।

एसएसपी के अनुसार आरोपी ने बताया कि उसका खेत और किशोरी की नानी का खेत अगल-बगल में है। कुछ समय पहले तक वह दूध लेने के लिए किशोरी के घर भी जाता था। घटना के दिन वह अपनी गेहूं की फसल में पानी लगा रहा था। तभी खेत पर चारा लेने आई किशोरी पानी पीने उसके नलकूप पर आई। यह वाकया दोपहर साढ़े बारह बजे से एक बजे के बीच का है। उस समय वह मोबाइल में पॉर्न वीडियो देख रहा था। 

किशोरी को देख उसके मन में उत्तेजना का भाव पैदा हो गया और पानी पीकर वापस चारा काटने जाते समय उसने किशोरी को पीछे से दबोच लिया। पहले तो उसने किशोरी से कहा कि हमारे खेत से घास काट ले। मगर किशोरी उसकी नीयत भांप गई और उसने विरोध शुरू कर दिया। आरोपी ने उसका मुंह दबा रखा था। इस दौरान किशोरी ने खूब बचाव की कोशिश की, मगर उसने जमीन पर गिरा दिया। इसी दौरान उसने किशोरी के दुपट्टे को खींच दिया, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई। 

यह घटनाक्रम उसके गांव के एक व्यक्ति के गेहूं के खेत में हुआ जिससे काफी फसल टूट गई थी। बाद में वह लाश को नाली के रास्ते दोनों पैरों से खींचते हुए किशोरी के गांव के अन्य व्यक्ति के गेहूं के खेत में ले जाकर फेंक आया। इसके पीछे मंशा यही थी कि कोई उसके गांव के किसी व्यक्ति पर शक नहीं करेगा। इसके बाद वह करीब सवा एक बजे अपने खेत में पानी लगाना बंद कर अपनी इंजन ट्राली, किशोरी की चप्पलें व दुपट्टा लेकर भाग गया।

रास्ते में चप्पलें व दुपट्टा फेंक दिया। चूंकि वह मिट्टी में सन गया था और कपड़े भी अस्त व्यस्त हो गए थे, इसलिए वह घर पहुंचकर नहाया। इसके बाद वह अकराबाद कस्बे में घूमने चला गया और देर रात वापस घर लौटा। इसके कुछ घंटे बाद आधी रात को ही पुलिस उस तक पहुंच गई थी। उसे अनुमान था कि कोई साक्ष्य नहीं मिलेगा तो पुलिस उसे पूछताछ कर छोड़ देगी। मगर उसकी योजना नाकाम रही। 

इस खुलासे पर डीजीपी, एडीजी कानून व्यवस्था ने पुलिस को बधाई दी है। एडीजी जोन ने 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। वहीं आईजी स्तर से टीम को सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। इस टीम में एसएसपी के अलावा एसपी क्राइम, एसपी देहात, सीओ बरला, एसओ अकराबाद रजत शर्मा, इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटेलाल, एसओ लोधा अभय शर्मा, सर्विलांस प्रभारी संजीव कुमार, एसओजी प्रभारी रीतेश कुमार व उनकी टीम आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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