साल 2020 की नगर निगम शिमला की मासिक बैठक भी हंगामें की भेंट चढ़ गई। मेयर सत्या कौंडल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई मासिक बैठक में निगम पार्षदों अपनी मर्यादा भूलकर एक दूसरे के खिलाफ तू तड़ाक पर उतर गए। मामला वार्ड सीमाओं के भीतर काम करने को लेकर था जहां कई वार्डों के पार्षद वार्डों में घुसपैठ कर विकासकार्यो में दखलंदाजी कर रहे हैं। जिस पर पार्षदों में तू तू मैं मैं हो गई जिसको लेकर दस मिनट के लिए सदन की कार्रवाही को स्थगित करना पड़ा। सदन की कार्रवाही शुरु होते ही टूटू और बालूगंज के पार्षदों ने मज्याठ वार्ड के पार्षद पर वार्ड में घुसकर घुसपैठ करने का आरोप लगाया है और अपनी सीमा को छोड़कर दूसरे वार्ड में दखलंदाजी कर काम रहे हैं, जिसको लेकर उनमे खासी नारजगी है।

शिमला निगम की बैठक

वार्ड पार्षद किरण बाबा और विवेक शर्मा ने मज्याठ वार्ड पार्षद पर आरोप लगाया है कि वे दूसरों की वार्ड सीमाओं के भीतर काम मे दखल दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का दखल उन्हें मंजूर नहीं है और प्रशासन को इस पर सख्ती से संज्ञान लेना चाहिए। उधर दिवाकर देव शर्मा का कहना है कि वे अपने वार्ड सीमाओं के भीतर ही कार्य कर रहे हैं जो पार्षद उनपर आरोप लगा रहे हैं वे बेबुनियाद हैं। उन्होंने भाजपा समर्थित पार्षदों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि वरदोनमे विकासकार्य हो रहे हैं तो किसी दूसरे पार्षद को दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उधर भराड़ी वार्ड पार्षद तनुजा चौधरी ने नॉमिनेटिड पार्षद भाजपा संजीव सूद पर वार्ड में हो रहे विकास कार्यों पर दखलअंदाजी करने का आरोप लगाया है और काम रोकने के लिए अधिकारियों पर दबाब बनाया जा रहा है। उन्होंने इस मामले पर एमसी प्रशासन से संज्ञान लेने की मांग की है और चेतावनी भी दी कि यदि अब नॉमिनेटिड पार्षद कामकाज में दखल देता है तो उसके खिलाफ आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

उधर मेयर सत्या कौंडल ने सभी पार्षदों से एक दूसरे की सीमाओं के भीतर हस्तक्षेप न करने का आहवान किया है साथ ही आपसी सहयोग से शहर के विकासकार्यो को करने की अपील की है। मेयर सत्या कौंडल ने बताया कि साल की अंतिम मासिक बैठक में शहर से जुड़े विभिन्न विकासकार्यो पर मुहर लगी है जिसमें कोरोंड़ों रुपए की मदद से स्मार्ट सिटी के तहत एम्बुलेंस रोड़, पार्किंग, बुक कैफे और स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएगी।

error: Content is protected !!