जिला मुख्यालय स्थित एक शराब कारोबारी के कार्यालय में 15 मार्च की सुबह हुई लाखों की लूट के मामले में अभी खाकी खाली हाथ ही है। वारदात को करीब 21 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक पुलिस लुटेरों का पता लगाने में नाकाम रही है। गौरतलब है कि बंदूक की नोक पर की गई इस लूट के बाद शातिरों ने हाइवे के बीच 4 राउंड फायरिंग करते हुए शहर में दहशत का माहौल भी पैदा करने की कोशिश की थी। जबकि लूट के दौरान शराब कारोबारी के साथ-साथ उसके कर्मचारियों के साथ आरोपियों ने मारपीट भी की थी। हालांकि पूरा मामला सीसीटीवी फुटेज में कैद भी हो गया था, जिसे पुलिस ने उसी दिन कब्जे में भी ले लिया था। वारदात के दौरान शातिरों द्वारा प्रयोग में लाई गई कार का नंबर फर्जी पाया गया था। वहीं वारदात के करीब 2 दिन बाद पुलिस ने इस मामले में एक बड़ी लीड हाथ लगने का दावा भी किया था। लेकिन अब तक 21 दिन बीत जाने के बावजूद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। 

15 मार्च की सुबह जिला मुख्यालय के चंडीगढ़-धर्मशाला नेशनल हाईवे पर बंदूक की नोक पर हुई लूट की सनसनीखेज वारदात को लेकर अभी भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। इस वारदात के दौरान चार बंदूकधारी शातिर लुटेरों ने शराब कारोबारी के कार्यालय में घुसकर बंदूक की नोक पर करीब 9 लाख रुपये लूट लिए थे। जबकि इस दौरान खुद शराब कारोबारी के साथ मारपीट करने के बाद लुटेरे ने कार्यालय के बाहर खड़े उसके ड्राइवर पर 4 राउंड फायरिंग भी की थी, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। वारदात को कई दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों का पुलिस के हत्थे न चढ़ना लोगों में दहशत का सबब बनता जा रहा है। हालांकि एएसपी ऊना विनोद धीमान कहते हैं कि पुलिस के हाथ कुछ पुख्ता सुराग शातिर लुटेरों के संबंध में लगे हैं। जिनके आधार पर पुलिस की विशेष टीमों का गठन कर मामले की जांच को आगे बढ़ाया गया है। एएसपी ने जल्द ही लूट की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेलने का भी दावा किया है।

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