एमपी के छतरपुर जिले की रहने वाली रूपा अहिरवार की तलाश एसआईटी की टीम 2019 से कर रही है। 25 वर्षीय रूपा ने 12वीं तक की पढ़ाई की है। शादी के कुछ दिन बाद ही पति से तलाक हो गया था। उसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह भोपाल चली आई थी। यहां हनीट्रैप गैंग की कुछ महिलाओं से उसका संपर्क हुआ और उनके साथ काम करने लगी। आरोप है कि बड़े-बड़े लोगों को अपने हुस्न की जाल में फंसाने लगी। एसआईटी की तमाम चार्जशीट में रूपा अहिरवार का नाम है। उसे छतरपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है।

दरअसल, 2019 से पहले तक छतरपुर या फिर एमपी के लोग रूप अहिरवार को नहीं जानते थे। हाईप्रोफाइल लोगों के एक तबके में वह खूब मशहूर थी। सितंबर 2019 में जब हनीट्रैप कांड का खुलासा इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर हुई थी। हरभजन से ये महिलाएं तीन करोड़ रुपये की मांग कर रही थी। उसी दौरान रूपा अहिरवार का नाम भी सामने आया था। नाम सामने आने के बाद पुलिस की टीम ने छतरपुर स्थित इसके घर पर छापेमारी की थी। तभी जिले के लोग रूपा अहिरवार के बारे में जानें थे।

एमपी हनीट्रैप कांड में छतरपुर की दो महिलाएं शामिल हैं। एक आरती दयाल और दूसरी रूपा अहिरवार है। आरती पहले से ही जेल में हैं। आरती के संपर्क में आने के बाद ही रूपा इस दलदल में गई थी। बताया जाता है कि रूपा अहिरवार ही पुरुषों को अपने जाल में फंसाती थी। उसके बाद उनके कमरे में कैमरे लगवाकर वीडियो बनवाती थी। वीडियो के आधार पर लोगों को ब्लैकमेल करना शुरू कर देती थी।

हनीट्रैप गैंग में शामिल होने के बाद रूपा की जिंदगी बदल गई थी। वह लग्जरी लाइफ जीने लगी थी। परिवार के लोगों से खर्चा लेना बंद कर दिया था। वह छतरपुर जिले के छोटे से गांव पनोठा की रहने वाली है। रूपा का परिवार गांव में खेती किसानी करता है। परिवार में रूपा की एक छोटी बहन एक छोटा भाई भी है, जिसे STF एक दिन पहले अपने साथ ले गई है। रूपा का परिवार गांव में ही रहकर खेती बाड़ी करता है और उसी से परिवार के लोगों का भरण पोषण होता है।

रूपा अहिरवार की शादी 2017 में इटारसी में रहने वाले एक युवक के साथ हुई थी। कुछ दिनों बाद ही रूपा का अपने पति के साथ तलाक हो गया था। उसके बाद रूपा अपने गांव में आकर कुछ महीनों तक रही थी। उसके बाद परिवार के लोगों के सामने उसने फिर से पढ़ाई करने की इच्छा जाहिर की थी।

हनीट्रैप की मुख्य आरोपी रूपा अहिरवार 2017 के अंत में भोपाल में परिवार के सलाह पर आगे की पढ़ाई के लिए आई थी। परिवार के लोगों का कहना है कि रूपा को पढ़ाई के लिए 2018 तक वह खुद पैसे भेजते रहे। पढ़ाई के दौरान ही रूपा की मुलाकात आरती दयाल से हुई थी। एक ही जिले की होने की वजह से दोनों में नजदीकियां जल्दी बढ़ गई थी। उसके बाद रूपा उसके गैंग में शामिल हो गई।

आरती के संपर्क में आने के बाद रूपा अहिरवार की लाइफस्टाइल बदल गई। उसके बाद उसने घर से पढ़ाई के लिए पैसे मांगने भी बंद कर दिए। रूपा अपने घरवालों से कहती थी कि वह आरती दयाल की कंपनी में काम करती है। वह कहती थी कि आरती दयाल जल्द ही उसे किसी बड़ी कंपनी में नौकरी लगवा देगी।

बताया जाता है कि रूपा ही वह लड़की थी जो हाईप्रोफाइल लोगों से डील करती थी। वह उन कस्टमरों के कमरे में कैमरे लगाती थी। फिर पूरा गिरोह उनसे मिलकर डील करता था। हनीट्रैप मामले में पुलिस ने रूपा के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की है। परिवार के लोगों कहना है कि हम आज भी खेती किसानी कर ही परिवार का गुजारा करते हैं।

By RIGHT NEWS INDIA

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