अब पुलिस अवैध खनन मामलों में पुलिस एफआईआर, दोषियों जाना होगा सीधे जेल

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अब हिमाचल की नदियों और नालों का सीना छलनी होने से बचेगा। खनन माफियाओं के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। अब सीधी एफआईआर दर्ज की जाएगी, ताकि पुलिस तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी कर सके। वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मदद से बड़े मगरमच्छों को पकड़ लेगी। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत शिकंजा कसेगा ईडी। इसके साथ ही माफिया की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को भी कुर्क किया जाएगा। नए आदेश का सख्ती से पालन प्रदेश के तीन आईजी रेंज, सभी जिलों के एसपी को करना होगा।

क्रम में क्या

डीजीपी ने अपने आदेश में कहा है कि हाल के वर्षों में हिमाचल प्रदेश में बालू खनन उद्योग में बड़ा उछाल आया है। आर्थिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। ऐसा निर्माण कार्य शहरी क्षेत्रों के विस्तार के कारण हुआ है। इस उद्योग की आड़ में अवैध खनन को भी बढ़ावा दिया गया है। सीमावर्ती इलाकों में समस्या गंभीर हो गई है।

कौन से क्षेत्र प्रभावित हैं

रावी, ब्यास, हंस और सतलुज नदियों और कई घाटियों के किनारे अधिक खनन किया जा रहा है। कुछ अंतरराज्यीय सीमाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इससे न केवल बाढ़ की घटनाएं कम हो रही हैं, बल्कि मानव जीवन को भी खतरा पैदा हो गया है। खनन सामग्री की अवैध रूप से पड़ोसी राज्यों को आपूर्ति की जा रही है। इससे राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। खनन माफिया स्थानीय प्रभावशाली लोगों द्वारा संरक्षित हैं। डीजीपी ने यह भी स्वीकार किया है कि ये लोग साधन संपन्न हैं, इसलिए स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलीभगत है।

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