मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में रहने वाले सहकारी संस्था प्रबंधक के ठिकानों पर शुक्रवार को लोकायुक्त की छापेमारी में 300 प्रतिशत से ज्यादा की संपत्ति का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि पकड़ी गई संपत्ति की कुल कीमत 3 करोड़ रुपये के आसपास आंकी जा रही है।

लोकायुक्त विभाग को मिली एक शिकायत के बाद शुक्रवार को दमदम गांव में काम करने वाले प्रबंधक के यहां सुबह 6 बजे छापा मारा गया था। इतनी अधिक संपत्ति मिलने के बाद प्रबंधक पर भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। करीब 2 माह पूर्व आय से अधिक संपत्ति होने की मिली शिकायत के बाद नलखेड़ा स्थित घर में शुक्रवार सुबह 6 बजे जब प्रबंधक का परिवार सो रहा था तब लोकायुक्त उज्जैन की करीब 20 सदस्यीय टीम ने एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ प्रबंधक के तीन ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था।

मामला आगर मालवा जिले के नलखेड़ा गांव का है। जहां दमदम गांव के प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था के प्रबंधक रमेशचंद्र जायसवाल के यहां शुक्रवार को छापेमारी हुई। जिसमें तीन करोड़ रुपये की संपत्ति मिलने के अलावा उसके बैंक लॉकर से 300 ग्राम सोना और 500 ग्राम चांदी भी मिली है।

आरोपी संस्था प्रबंधक रमेश चंद्र जायसवाल पर धारा 13-1बी 13-2 भष्ट्रचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक रमेशचंद्र जायसवाल ने सन 1999 में 360 रुपये के मासिक वेतन से सेल्समैन के तौर पर नौकरी  शुरू की थी और अभी वेतन करीब 20 हजार रुपये प्रतिमाह है। ऐसे में बहुत ही कम समय मे इतनी संपत्ति अर्जित की है।

शिकायत पर एक्शन लेते हुए लोकायुक्त की टीम संस्था प्रबंधक के नलखेड़ा स्थित घर पर पहुंची और गहरी नींद में सो रहे परिवार को जगाया। लोकायुक्त उज्जैन के करीब 20 से ज्यादा अधिकारियों की टीम ने लगभग 12 पुलिसकर्मियों की मदद लेते हुए प्रबंधक के नलखेड़ा स्थित निवास और दुकान के साथ दमदम गांव में बने फार्म हाउस पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि अब तक प्रशासन ने 3 करोड़ रुपये भी बरामद कर लिए हैं।

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