मुरादनगर इलाके में स्थित श्मशान घाट का जीर्णोद्धार करने वाला ठेकेदार अजय त्‍यागी इस दर्दनाक घटना के बाद से ही फरार हो गया है। इस मामले में ईओ, जेई, ठेकेदार समेत कई लोगों पर मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। तीन लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है पर ठेकेदार अब तक पकड़ में नहीं आया है। गाजियाबाद के एसएसपी ने ठेकेदार की गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम रखा है। इस हादसे में 24 लोगों की मौत हो चुकी है। अजय त्‍यागी ने श्‍मशान घाट के सौंदर्यीकरण का ठेका 50 लाख रुपये में लिया था। बताया जा रहा है कि यह ठेकेदार घटिया दर्जे का निर्माण कार्य कराने के लिए कुख्‍यात है।

गौरतलब है कि श्मशान घाट का जीर्णोद्धार कार्य नगर पालिका की तरफ से कराया जा रहा था। ठेकेदार अजय त्‍यागी ने 50 लाख रुपये में यह टेंडर लिया था। बताया जा रहा है कि वह पिछले 12 सालों से नगर पालिका में ठेकेदारी का काम कर रहा था। वह यहां का बड़ा ठेकेदार बताया जाता है। जिस बरामदे का लिंटर गिरने से इतने लोगों की जान चली गई, उसे मात्र दो महीने पहले ही बनाया गया था। शनिवार को सुबह करीब 40 लोग एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट पहुंचे थे। इसी दौरान बारिश शुरू हो गई। सभी लोग बारिश से बचने के लिए बरामदे के नीचे पहुंच गए थे। इसी दौरान अचानक बरामदे का लिंटर भरभरा कर गिर गया, जिसमें सभी 40 लोग दब गए और वहां भगदड़ मच गई।

इस दर्दनाक हादसे के शिकार हुए लोगों के परिजनों ने यूपी सरकार की तरफ से दो-दो लाख रुपये के मुआवजे को नाकाफी बताया। रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने मृतकों के शव दिल्ली-मेरठ हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। घरवालों की मांग थी कि मृतकों के आश्रितों को 2 लाख की जगह 15 लाख दिए जाएं। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। दिन भर की तमाम जद्दोजहद के बाद मेरठ मंडल के कमिश्नर मौके पर पहुंचे। 10 लाख मुआवजा राशि और सरकारी नौकरी दिए जाने का उन्‍होंने लिखित में भरोसा दिया, उसके बाद ही लोग सड़क से हटे।

बता दें कि मुरादनगर हादसे में नगर पालिका के ईओ निहारिका चौहान, जेई चंद्रपाल और सुपरवाइजर आशीष को पुलिस अरेस्‍ट कर चुकी है। मुख्‍य आरोपी ठेकेदार अजय त्‍यागी अब तक फरार है। उसकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अब एसएसपी ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया है।

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