प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात अप्रैल को शाम सात बजे ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के तहत वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से दुनिया भर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद करेंगे। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘एक नया प्रारूप, विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला पर कई दिलचस्प प्रश्न और हमारे बहादुर योद्धाओं, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ एक यादगार चर्चा… । सात अप्रैल को शाम सात बजे देखिए ‘परीक्षा पे चर्चा’।’

प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही एक वीडियो भी साझा किया जिसमें वह कह रहे हैं, ‘हम बीते एक साल से कोरोना के साये में रह रहे हैं और इसकी वजह से मुझे व्यक्तिगत रूप से आपसे मिलने का मोह छोड़ना होगा और नए प्रारूप में ‘परीक्षा पे चर्चा’ के पहले डिजिटल संस्करण में आपके साथ रहूंगा।’ उन्होंने छात्रों से कहा कि वे परीक्षा को अवसरों के तौर पर देखें, न कि जीवन के सपनों के अंत के तौर पर।

वीडियो में यह भी बताया गया है कि प्रधानमंत्री बच्चों के साथ दोस्त के तौर पर बातचीत करेंगे और इसके साथ ही डिजिटल कार्यक्रम में शिक्षकों व अभिभावकों से भी संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री इस बात की भी चर्चा करते हैं कि लोग या माता-पिता क्या कहेंगे, इसका दबाव भी कई बार बोझ बन जाता है। वीडियो में वह यह भी कह रहे हैं कि यह ‘परीक्षा पे चर्चा’ है लेकिन यहां चर्चा सिर्फ ‘परीक्षा’ तक सीमित नहीं होगी।

इस कार्यक्रम को अपने दिल के बेहद करीब बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके माध्यम से वह यह जान पाते हैं कि युवाओं के दिमाग में क्या चल रहा है। उन्होंने कहा कि वह परिवार के सदस्य के रूप में छात्रों को परीक्षा संबंधी दबाव से उबरने में मदद करना चाहते हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन इस बार डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है। गत फरवरी महीने में शिक्षा मंत्रालय ने इसकी घोषणा की थी।

ऑनलाइन रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता में शामिल हुए 14 लाख लोग
इस बीच, शिक्षा मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि इस साल 17 फरवरी से 14 मार्च के दौरान विभिन्न विषयों पर 9वीं से 12वीं कक्षा के बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए ऑनलाइन रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बयान के मुताबिक, ‘लगभग 14 लाख प्रतिभागियों ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के चौथे संस्करण की प्रतियोगिता में भाग लिया। रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता में 10.5 लाख छात्रों, 2.6 लाख शिक्षकों और 92 हजार अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भाग लेने वाले 60 फीसदी से अधिक छात्र 9वीं और 10वीं कक्षा के हैं। पहली बार 81 विदेशी देशों के छात्रों ने ‘पूर्व-परीक्षा पे चर्चा’ रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता में भाग लिया है।’

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