शुक्रवार, दिसम्बर 19, 2025

पीएम मोदी: किसानों को 35,440 करोड़ की सौगात, प्रधानमंत्री धन धान्य योजना का किया शुभारंभ

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National News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को किसानों के हित में एक बड़ा ऐतिहासिक फैसला लिया। उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए 35,440 करोड़ रुपये की दो प्रमुख योजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें 24,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना शामिल है। यह योजना देश भर में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि करने के लक्ष्य से शुरू की गई है।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह दिन बेहद ऐतिहासिक है। उन्होंने भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मोदी ने कहा कि ये दोनों महान सपूत ग्रामीण भारत की आवाज थे और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित थे।

प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना

प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना देश के 100 जिलों में विशेष रूप से लागू की जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादन में वृद्धि करना है। किसानों को सस्ते कर्ज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सिंचाई तंत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

योजना के तहत फसलों में विविधता लाने और फसल प्रबंधन को आधुनिक बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसका लक्ष्य कृषि को केवल जीविका का साधन नहीं बल्कि एक लाभकारी उद्यम बनाना है। यह योजना किसानों की आय दोगुनी करने के सरकार के विजन को आगे बढ़ाएगी।

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राष्ट्रीय दाल आत्मनिर्भर मिशन

प्रधानमंत्री मोदी ने दालों के उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए छह वर्षीय मिशन की शुरुआत की। इस मिशन के तहत 11,440 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में भारत को दालों के आयात से मुक्त करना है।

यह मिशन देश के हर किसान को दाल उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करेगा। दालों की उत्पादकता बढ़ाने और गुणवत्ता में सुधार करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इससे देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

कृषि आधारभूत ढांचा फंड

सरकार ने 3,650 करोड़ रुपये की लागत से कृषि आधारभूत ढांचा फंड योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत भंडारण, प्रसंस्करण और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में मदद करेगा।

पशुपालन क्षेत्र के लिए 17 अलग-अलग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन पर कुल 1,166 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य दूध उत्पादन और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देना है। पशुधन की उत्पादकता में वृद्धि करना भी एक लक्ष्य है।

मत्स्य पालन और फूड प्रोसेसिंग

प्रधानमंत्री मोदी ने मत्स्य पालन योजना के लिए 693 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इससे देश में मछली उत्पादन और जलीय कृषि को गति मिलेगी। फूड प्रोसेसिंग उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए 800 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

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इस निवेश से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। ग्रामीण उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी। प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से किसानों की आय में वृद्धि होगी। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगा।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

सरकार किसानों के बीच प्राकृतिक खेती को लोकप्रिय बनाने के लिए विशेष अभियान चला रही है। रासायनिक खादों पर निर्भरता घटाकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा और खेती का खर्च कम होगा।

प्राकृतिक खेती अपनाने से किसानों का मुनाफा बढ़ेगा। पर्यावरण संरक्षण में भी इसका positive प्रभाव पड़ेगा। सरकार इस दिशा में किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगी। यह कृषि क्षेत्र में टिकाऊ विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि किसान भारत की आत्मा हैं। जब किसान सशक्त होगा, तो देश सशक्त होगा। ये योजनाएं भारत के भविष्य की योजनाएं हैं जो किसानों के जीवन में बदलाव लाएंगी।

Poonam Sharma
Poonam Sharma
एलएलबी और स्नातक जर्नलिज्म, पत्रकारिता में 11 साल का अनुभव।

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