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पीएम मोदी: उत्तर बंगाल को देश से जोड़ने के लिए पहली वंदे भारत स्लीपर और चार अमृत भारत ट्रेनों का शुभारंभ

West Bengal News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए एक बड़ी पहल की। मालदा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने हावड़ा-गुवाहाटी मार्ग के लिए देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही उत्तर बंगाल को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने के लिए चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी रवाना किया। यह कदम लंबी दूरी की रेल यात्रा को और आरामदायक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

इन नई ट्रेनों से पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों का देश के पश्चिमी और दक्षिणी भागों से सीधा संपर्क स्थापित होगा। न्यू जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जैसे महत्वपूर्ण शहर अब तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र तक सीधे पहुंच सकेंगे। इससे पर्यटन और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यात्रियों को लंबे सफर के दौरान बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

अमृत भारत ट्रेनों की विशेषताएं

अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनेंआधुनिक ‘पुश-पुल’ तकनीक से लैस हैं। इन ट्रेनों के दोनों सिरों पर इंजन लगे होते हैं। यह तकनीक ट्रेन को तेज गति पकड़ने और सुरक्षित रूप से रुकने में सहायक है। इस प्रक्रिया से यात्रा का समय कम हो जाता है। ये ट्रेनें लंबी दूरी की अंतर-राज्यीय यात्रा को किफायती और आसान बनाने के लिए डिजाइन की गई हैं।

यात्रियों के आराम को ध्यान में रखकर इन ट्रेनों में कई सुविधाएं दी गई हैं। इनमें बेहतर बैठने की व्यवस्था और फोल्डेबल स्नैक टेबल शामिल हैं। एलईडी लाइटिंग और सुरक्षित पंखों से यात्रा सुखद बनती है। एयर-स्प्रिंग वाली बोगियों से यात्रा के दौरान झटके कम महसूस होते हैं। यात्रियों को रियल-टाइम जानकारी देने के लिए एक एकीकृत सूचना प्रणाली भी लगाई गई है।

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टिकट और किराया संरचना

अमृत भारत ट्रेनोंके किराए का ढांचा स्पष्ट और सरल रखा गया है। स्लीपर क्लास के लिए न्यूनतम चार्ज योग्य दूरी दो सौ किलोमीटर तय की गई है। इस दूरी के लिए मूल किराया 149 रुपये निर्धारित किया गया है। दूसरी ओर, सेकेंड क्लास के यात्रियों के लिए न्यूनतम दूरी पचास किलोमीटर है और इसका मूल किराया 36 रुपये है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि आरक्षण शुल्क और सुपरफास्ट चार्ज अलग से लागू होंगे।

इन ट्रेनों में स्लीपर श्रेणी के लिए आरएसी यानी रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। इसका मतलब है कि स्लीपर कोच में केवल पूर्ण आरक्षित सीटें ही मिलेंगी। हालांकि, अनारक्षित सेकेंड क्लास के टिकट पहले की तरह यात्रियों को मिलते रहेंगे। यह निर्णय यात्रा अनुभव को और सुगम बनाने के लिए लिया गया है।

नई ट्रेनों के मार्ग

पश्चिम बंगाल सेशुरू होने वाली इन चार नई ट्रेनों के मार्ग रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। पहली ट्रेन न्यू जलपाईगुड़ी से तमिलनाडु के नागरकोइल तक चलेगी। दूसरी ट्रेन भी न्यू जलपाईगुड़ी से तिरुचिरापल्ली के बीच संचालित होगी। तीसरी ट्रेन अलीपुरद्वार से कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के एसएमवीटी टर्मिनस तक जाएगी। चौथी ट्रेन अलीपुरद्वार से महाराष्ट्र के पनवेल को जोड़ेगी।

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इन मार्गों के चलने से उत्तर बंगाल के लोगों को बड़े शहरों तक पहुंचने में सुविधा होगी। छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों को लाभ मिलेगा। देश के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क मजबूत होगा। रेलवे का लक्ष्य इन ट्रेनों के माध्यम से यात्रा के समय में कमी लाना है। आधुनिक तकनीक इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगी।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का महत्व

हावड़ासे गुवाहाटी के बीच चलने वाली यह पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन एक नया अध्याय है। यह ट्रेन पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल के बीच की दूरी कम करेगी। स्लीपर कोच होने के कारण यात्री रातभर की यात्रा आराम से कर सकेंगे। इस ट्रेन में भी यात्रियों को उच्च स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है।

रेलवे के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारतीय रेल नेटवर्क में लगातार विस्तार हो रहा है। नई तकनीक वाली ट्रेनों की शुरूआत से यातायात का प्रवाह बेहतर होगा। सुरक्षा और गति दोनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस पहल से रेलवे के राजस्व में वृद्धि की भी संभावना है। अंततः, यात्रियों को एक विश्वसनीय और आधुनिक यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।

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