Gujarat News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को गुजरात के सोमनाथ मंदिर पहुंचेंगे। वह सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे। उनकी यह यात्रा दो दिनों तक चलेगी।
प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में अपने कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह शनिवार रात आठ बजे ओंकार मंत्र के जाप में शामिल होंगे। इस दौरान मंदिर में लगातार बहत्तर घंटे तक मंत्र जाप चलेगा।
शौर्य यात्रा में लेंगे हिस्सा
प्रधानमंत्री रविवार सुबह भी सोमनाथ में रहेंगे। वह सुबह साढ़े नौ बजे शौर्य यात्रा में भाग लेंगे। यह यात्रा मंदिर की रक्षा में शहीद हुए वीरों को समर्पित है।
इस यात्रा में एक सौ आठ घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस वीरता और बलिदान का प्रतीक होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे।
सार्वजनिक कार्यक्रम में होगी उपस्थिति
दर्शन के बाद प्रधानमंत्री एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है। इस दौरान एक भव्य ड्रोन शो भी प्रस्तुत किया जाएगा।
पीएमओ के एक बयान के अनुसार यह पर्व ऐतिहासिक महत्व का है। यह उन नागरिकों की याद में आयोजित किया जा रहा है जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया। यह कार्यक्रम सांस्कृतिक चेतना को प्रभावित करता आया है।
हमले के हज़ार साल पूरे होने पर आयोजन
यह कार्यक्रम महमूद गजनी के हमले के एक हज़ार वर्ष पूरे होने पर आयोजित किया जा रहा है। पीएमओ के बयान में कहा गया कि मंदिर को नष्ट करने के कई प्रयास हुए। फिर भी यह आस्था और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना हुआ है।
मंदिर की प्राचीन महिमा को बहाल करने के सामूहिक प्रयास सफल हुए हैं। आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने मंदिर के जीर्णोद्धार का प्रयास शुरू किया। इस यात्रा में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां मिलीं।
मंदिर के द्वार हुए थे खुले
वर्ष 1951 में मंदिर के दरवाजे औपचारिक रूप से खोले गए। तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की मौजूदगी में यह समारोह हुआ। मंदिर को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया गया था।
वर्ष 2026 में इस जीर्णोद्धार के पचहत्तर वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसी कारण सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का महत्व और बढ़ गया है। देश भर के सैकड़ों संत इस पर्व में भाग ले रहे हैं।
मंदिर नगरी की तैयारियां
सोमनाथ मंदिर नगरी को कार्यक्रमों के लिए सजाया गया है। सात से ग्यारह जनवरी तक यहां कई आयोजन होंगे। अधिकारियों ने सुरक्षा और प्रबंधन के पूरे इंतजाम कर लिए हैं।
सोमनाथ गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में स्थित है। यह अहमदाबाद से चार सौ किलोमीटर से अधिक दूर है। प्रधानमंत्री की यात्रा से इस ऐतिहासिक स्थल का महत्व एक बार फिर उजागर हो रहा है।

