New Delhi News: मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच भयंकर युद्ध छिड़ गया है। नतांज परमाणु केंद्र पर हुए बड़े हमले ने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन को फोन किया है। पीएम मोदी ने उन्हें नवरोज और ईद की बधाई दी। उन्होंने युद्ध के बीच शांति और समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर जोर दिया है। भारत का यह कड़ा रुख अमेरिका और इजराइल को एक बहुत बड़ा कूटनीतिक संदेश दे रहा है।
बुनियादी ढांचे पर हमले की पीएम मोदी ने की कड़ी निंदा
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया के हालात पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हो रहे लगातार हमलों की सख्त निंदा की। पीएम मोदी ने साफ कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय शांति के लिए बहुत बड़ा खतरा हैं। इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने समुद्री रास्तों को खुला और सुरक्षित रखने की जरूरत बताई। संकट की इस घड़ी में भारतीयों की सुरक्षा करने के लिए उन्होंने ईरान सरकार की तारीफ भी की।
समुंदर में फंसे हैं 20 से ज्यादा भारतीय जहाज
फारस की खाड़ी में युद्ध के कारण हालात बेहद खराब हैं। इस समय 20 से अधिक भारतीय जहाज वहां फंसे हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का आना-जाना पूरी तरह बाधित हो गया है। हालांकि पिछले सप्ताह भारत के दो बड़े जहाज वहां से सुरक्षित निकल आए। इनमें ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नाम के एलपीजी वाहक जहाज शामिल थे। विदेश मंत्रालय लगातार खाड़ी देशों के संपर्क में है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से बात कर रहे हैं। 28 फरवरी के बाद से दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच यह दूसरी बातचीत है।
अमेरिका और इजराइल ने बढ़ाई युद्ध की आग
इस महायुद्ध में अमेरिका और इजराइल के तेवर बेहद आक्रामक हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मध्य पूर्व में अपनी पूरी सैन्य ताकत झोंक दी है। अमेरिका ने अपने घातक युद्धपोत और मिसाइल रक्षा प्रणालियां वहां तैनात कर दी हैं। वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को पूरी तरह कुचलने की धमकी दी है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर बाइडेन प्रशासन को घेरा है। ट्रंप का कहना है कि उनकी सख्त नीतियों के कारण ईरान कमजोर था, लेकिन अब वह फिर से ताकतवर हो गया है।
ईरान की सीधी चेतावनी और दुनिया भर में तेल का संकट
ईरान ने भी इस जंग में पीछे हटने से साफ इनकार कर दिया है। ईरानी सेना के वरिष्ठ सलाहकार अली मोहम्मद नैनी ने इजराइल को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ईरान ने इजराइल को चारों तरफ से घेर लिया है। कोई भी रणनीतिक गलती इजराइल को बहुत भारी पड़ेगी। इस बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया के सामने एक भयानक तेल संकट खड़ा कर दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार की जीवन रेखा है। यूएई और सऊदी अरब जैसे देश भी इस युद्ध से बुरी तरह डरे हुए हैं।

