India News: पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा अब तक 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। 21वीं किस्त नवंबर माह में जारी हुई थी। अगली किस्त की तारीख को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
पीएम किसान योजना के पिछले पैटर्न को देखें तो किस्तों का वितरण समयबद्ध तरीके से होता रहा है। आमतौर पर किस्तें चार-चार महीने के अंतराल पर जारी की जाती हैं। इस आधार पर 22वीं किस्त के मार्च-अप्रैल 2026 के आसपास जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
यह योजना देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। प्रत्येक पात्र किसान परिवार को हर साल छह हजार रुपये की राशि मिलती है। यह राशि तीन समान किस्तों में दी जाती है।
ई-केवाईसी है अनिवार्य शर्त
22वींकिस्त का लाभ पाने के लिए किसानों का ई-केवाईसी पूर्ण होना अनिवार्य है। सरकार ने इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए ओटीपी आधारित सिस्टम लॉन्च किया है। इसके लिए किसान का मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना चाहिए।
ई-केवाईसी की प्रक्रिया बेहद सरल है। किसानों को आधिकारिक पीएम किसान पोर्टल पर जाना होगा। वहां ई-केवाईसी के विकल्प पर क्लिक कर अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद प्राप्त ओटीपी को सत्यापित कर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
इसी तरह, पीएम किसान मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से भी ई-केवाईसी पूर्ण की जा सकती है। यह सुविधा किसानों को घर बैठे डिजिटल रूप से पंजीकरण करने में मदद करती है। इससे समय और संसाधन दोनों की बचत होती है।
बजट में बढ़ोतरी की उम्मीद
वित्त मंत्रीनिर्मला सीतारमण एक फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इस बजट में पीएम किसान योजना से जुड़े कुछ बड़े एलान हो सकते हैं। किसान संगठन लंबे समय से इस योजना की वार्षिक राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
वर्तमान में योजना के तहत प्रति वर्ष छह हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। बढ़ती महंगाई और कृषि लागत को देखते हुए इस राशि को बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। इस संबंध में अंतिम निर्णय बजट घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली को मजबूत किया है। धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।
योजना का व्यापक प्रभाव
पीएम किसान योजनाने देश के कृषि क्षेत्र में एक सकारात्मक भूमिका निभाई है। इससे छोटे किसानों को नकदी प्रवाह बनाए रखने में मदद मिली है। यह राशि उनकी कृषि जरूरतों और घरेलू खर्चों को पूरा करने में सहायक सिद्ध हुई है।
योजना के तहत अब तक नौ करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं। इक्कीसवीं किस्त में अठारह हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु से इस किस्त का शुभारंभ किया था।
पात्रता मानदंडों में समय-समय पर संशोधन किए गए हैं। सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने इस योजना को लागू किया है। किसानों को अपने पंजीकरण की नियमित जांच करते रहना चाहिए। इससे किसी भी त्रुटि का समय पर निवारण किया जा सकता है।
किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इस योजना का विस्तार किया जा सकता है। आगामी बजट में कृषि क्षेत्र के लिए अन्य घोषणाएं भी हो सकती हैं। इनमें सिंचाई सुविधाओं और बीज समर्थन मूल्य से जुड़े प्रावधान शामिल हो सकते हैं।
किसान समुदाय को आधिकारिक सूचनाओं पर ही ध्यान देना चाहिए। किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास नहीं करना चाहिए। योजना से जुड़ी ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक पोर्टल और विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर नजर रखनी चाहिए।

