अगर 18 प्लस लोग ऐसा सोच रहे हैं कि बिना रजिस्ट्रेशन के वे वैक्सीनेशन सेंटर जाकर टीका लगवा लेंगे, तो ऐसा नहीं हो पाएगा। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार यह साफ है कि बिना रजिस्ट्रेनश के किसी भी 18 से 45 साल के बीच के युवा को टीका नहीं लगेगा। हिमाचल सरकार ने सीरम कंपनी को जो डिमांड भेजी है। उसमें हर सप्ताह पांच लाख डोज प्रदेश को चाहिए। राज्य सरकार ने 73 लाख वैक्सीन की डिमांड सीरम कंपनी को भेजी है। अगर एक व्यक्ति को दो डोज दी जानी हैं, तो इतनी खुराक से राज्य की 36 लाख 50 हजार को वैक्सीन लगनी है, जबकि हिमाचल में 31 लाख ऐसे युवा हैं, जिनकी उम्र 18 से 45 साल के बीच में हैं।

 ऐसे में अगर सरकार को दवा की खेप मिलना शुरू हो जाती है, तो दो महीने के भीतर हिमाचल की आधी आबादी को वैक्सीन की पहली डोज लग जाएगी। बहरहाल अभी पहली मई से वैक्सीनेशन होता नहीं दिख रहा है। सरकार ने जो कंपनी को डिमांड भेजी है, उसके अनुसार उन्हें हर सप्ताह पांच लाख डोज की जरूरत होगी। ऐसे में हर महीने 20 लाख डोज की जरूरत होगी, लेकिन अभी यह सप्लाई हिमाचल को मिलना शुरू नहीं हुई है। करीब चार सप्ताह बाद ही हिमाचल को वैक्सीन की सप्लाई पहुंचना शुरू होगी।

दूसरी लहर में ट्रांसमिशन का खतरा ज्यादा

एनएचएम के मिशन डायरेक्टर डा. निपुण जिंदल का कहना है कि दूसरी लहर में ट्रांसमिशन का खतरा पहले से ज्यादा है। लोग एक दम वायरस से ग्रसित हो रहे हैं। ऐसे में लोगों को संभलने की जरूरत है, क्योंकि संक्रमण तेजी से फैल रहा है। वैक्सीनेशन के लिए अभी कुछ इंतजार करना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी का भी वैक्सीनेशन नहीं किया जाएगा। ऐसे में बिना रजिस्ट्रेशन और वैक्सीन की उपलब्धता को जाने बिना सेंटर पर जाने का कोई लाभ नहीं होगा।

कल वैक्सीनेशन सेंटर जाकर कोई फायदा नहीं

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई ऐसा सोच रहा है कि उनका रजिस्ट्रेशन हो चुका है और पहली मई को वे वैक्सीनेशन सेंटर जाकर टीका लगवा लेंगे, तो ऐसा नहीं हो पाएगा। अधिकारियों का कहना है कि पहली मई को वैक्सीनेशन सेंटर जाकर कोई फायदा नहीं होने वाला है, जब तक वैक्सीन नहीं पहुंचेगी, तब तक टीकाकरण अभियान शुरू नहीं होगा। ऐसे में जब वैक्सीन पहुंचेगी, तो इसकी जानकारी मुहैया करवा दी जाएगी, जिसके बाद पोर्टल पर युवाओं को समय और तिथि भी निर्धारित कर दी जाएगी।

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