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हिमाचल में इस तरीके से हो सकती है 12वी की परीक्षा, जानिए शिक्षा मंत्री की योजना


हिमाचल प्रदेश सरकार भी जमा दो की परीक्षाएं करवाने के लिए तैयार है। अगर कोरोना को लेकर स्थिति ठीक रहती है तो 15 जून के बाद परीक्षाएं आयोजित करवाई जा सकती हैं। वहीं, अगर केंद्र सरकार के बी फार्मूले पर परीक्षाएं करवाने की सहमति बनती है तो परीक्षा 3 घंटे की जगह डेढ़ घंटे की होगी। साथ ही पहले 15 दिन परीक्षाएं करवाने के बाद 15 दिन का गैप देकर बाकी पेपर करवाए जाएंगे। शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि 23 मई को भारत सरकार ने वर्चुअली बैठक का आयोजन किया था।

इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, प्रकाश जावड़ेकर, स्मृति ईरानी व विभिन्न प्रदेशों के मंत्रियों आदि ने भाग लिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने हर राज्य से सुझाव मांगें हैं।

केंद्र सरकार ने 12वीं की परीक्षाएं करवाने के लिए दो ऑप्शन दिए हैं। पहला ऑप्शन पहले की तरह तीन घंटे की परीक्षाएं और फिर पेपर चेकिंग के बाद रिजल्ट निकालना। इसमें तीन माह का समय लगता है। दूसरा ऑप्शन परीक्षा तीन घंटे की जगह डेढ़ घंटे की करवाई जाए। पहले पंद्रह परीक्षा करवाई जाए, फिर पंद्रह दिन का इंटरवल दिया जाए और फिर दिन में परीक्षा आयोजित करें। इसमें 45 दिन का समय लगेगा। अधिकतर राज्यों ने दूसरे ऑप्शन से परीक्षाएं जाने को लेकर सहमति जताई है। अब भारत सरकार ने लिखित में मांगा है। आज प्रदेश सरकार ने अपने सुझाव लिखित रूप में केंद्र सरकार को भेज दिए हैं।

हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत करीब एक लाख दो हजार 008 के करीब छात्र हैं। 13 अप्रैल को अंग्रेजी का पेपर किया था। प्रैक्टिकल भी आयोजित किए जा चुके हैं। अगर कोरोना को लेकर स्थिति सामान्य होती है तो हिमाचल में छात्रों के पेपर 15 जून के बाद करवाने में सक्षम हैं। सरकार की तैयारियां पूरी हैं। परीक्षा के लिए 1,795 केंद्र बना दिए गए हैं। स्टाफ तैनात कर दिया गया है। साथ ही परीक्षा सामग्री भी तैयार है और सामग्री परीक्षा केंद्रों में पहुंच चुकी है। कॉलेज व बीएड की परीक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल 31 मई तक स्थिति को देखा जाएगा। फिर उसके बाद देखेंगे कि छात्रों के जीवन को खतरा तो नहीं उसी आधार पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर परीक्षाएं करवाई जाती हैं तो छात्रों को परीक्षा केंद्रों में भेजने या नहीं दोनों की ऑप्शन अभिभावकों के पास रहेंगे। अभी कोरोना संकट में छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी है।

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