आर्मी की वर्दी पहन कर करते थे ठगी, मेडिकल जांच के नाम पर 131 लोगों को ठगने वाले गिरफ्तार

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रांची के नामकुम थाने की पुलिस के हत्थे चढ़े लाखों की ठगी के आरोपित पंकज सिंह से चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इसका गिरोह आर्मी की वर्दी पहनकर ठगी का खेल करता था। फर्जी आफिसर मेडिकल जांच करते थे। इस पूरे रैकेट में लगातार नाम सामने आ रहे हैं। रविवार को भी कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। छह राज्यों में सक्रिय आर्मी व मिलिट्री इंजीनियरिग सर्विस में बहाली कराने के नाम पर सैकड़ों बेरोजगार युवकों से ठगी करने वाले पंकज सिंह से आर्मी इंटेलिजेंस व नामकुम पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। इसमें कई अहम सुराग मिल रहे है। पंकज रांची जगरनाथपुर हटिया देव्यानी कॉम्पलेक्स-1 , हटिया थाना जगनरथापुर में रहकर यह धंधा चला रहा था।

पंकज सिंह सिंह पूर्व में भी जगन्नाथपुर थाने में नौकरी के नाम ठगी करने के मामले जेल जा चुका है। पूछताछ में उसने कई लोगों के नाम बताए हैं। इसमें से पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पंकज सिंह मिलिट्री इंजीनियरिग सर्विस में बहाली कराने के लिए वह एमइएस में कार्यरत शौकत अली के सहयोग से नामकुम स्थित एमइएस गेस्ट हाउस में वह फर्जी वर्दी पहनकर मेडिकल और टेस्ट लिया करता था। इसके एवज में युवकों से पैसे लिया करता था। शौकत अली फिलहाल फरार चल रहा है। आर्मी इंटेलिजेंस पदाधिकारी के अनुसार पंकज के गिरोह में अब तक 131 लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर पैसा ले चुका है। मालूम हो कि पंकज सिंह को नामकुम 17 आर्मी इंटेलिजेंस की टीम व नामकुम पुलिस के सहयोग से पटेल चौक के पास से गिरफ्तार किया था। इस दौरान वह अपने साथियों से मिलने रांची रेलवे स्टेशन पटेल चौक के पास होटल में ठहरे मिलने के पहुंचा था। पंकज सिंह गिरफ्तार होने की सूचना मिलते ही सभी फरार हो गए। टीम जब होटल पहुंची तो जांच किया तो पता चला कि दीपेश कुमार व विकास कुमार राजस्थान व हरियाणा नवनित कुमार होटल में ठहरा हुआ था।

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उत्तर प्रदेश के छह युवकों ने नामकुम थाना में दर्ज कराई शिकायत

रविवार को नामकुम थाना में पंकज सिंह के गिरफ्तारी की सूचना मिलती ही उत्तर प्रदेश से ठगी के शिकार हुए छह युवकों ने थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। इसमें जोनपुर के चंद्र लाल दो लाख, प्रतापगढ़ के आलोक बिद, इलाहाबाद से पवन कुमार बिद से 3.50 लाख रुपये, प्रतापगढ़ के रवि सिंह से 4 लाख रुपये, प्रतापगढ़ से पवन से 2.50 लाख रुपये, प्रतापगढ़ से मूल्यम सरोज से दो लाख रुपये अपने खाते से भेजे गए रकम की सूचना दी है।

छह राज्यों में पंकज सिंह का गिरोह था सक्रिय

आर्मी इंटेलिजेंस पदाधिकारी ने बताया कि पंकज सिंह का गिरोह छह राज्यों में सक्रिय था। इनमें जम्मू कश्मीन, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब व हरियाणा में एजेंट तैयार किए हुए थे। सभी राज्यों से दस लड़कों का एजेंट एक ग्रुप तैयार करता था। दस एजेंट का एक लीडर ही सभी को मैनेज करता था और सभी अपने-अपने क्षेत्रों बेरोजगार युवकों को संपर्क कर सेना में बहाली कराने के नाम पर पैसा अलग-अलग लोगों के माध्यम से खाते से आनलाईन पेमेंट मंगवाया कराता है।

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