ज्वालामुखी से रानीताल बन गया फोर लेन वहां के स्थानीय निवासियों के लिए विकास का नही बल्कि परेशानियों का सबब बन गया है। सरकार को ओर से स्थानीय लोगों को निर्देश दे दिए गए है कि कोई भी आदमी सड़क के किनारे नव निर्माण नही करेगा। जिसके चलते कई लोगों के सड़क के किनारे बन रहे घर और व्यावसायिक परिसरों का निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। ना तो सरकार स्थानीय लोगों को उनकी जमीनों का मुआवजा दे रही है और ना ही वहां फोर लेन बना रही है। जिसके चलते स्थानीय लोगों में रोष की स्थिति बनी हुई है।

ज्वालामुखी से गुम्मर की ओर बन रहे राष्ट्रीय उच्च मार्ग में कुछ लोगों की भूमि आ रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उन्हें इसका मुआवजा एकमुश्त दिया जाए। गुम्मर गांव के शक्ति पाल, नरेश ठाकुर व मेहर सिंह आदि का कहना है कि शिमला-मटौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग का कार्य इन दिनों सुचारु रूप से चल रहा है। लेकिन उनका आरोप है कि इस दौरान यहां सड़कें और चौड़ी हो रही हैं, जिसमें लोगों की भूमि भी सड़क के बीच आ रही है। सरकार उक्त भूमि का मुआवजा किस्तों में दे रही है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि उन सभी लोगों को एक ही किस्त में मुआवजा दिया जाए।

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