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सराज के इस गांव में दो महीनों से नही मिल रहा पीने का पानी, बच्चा बच्चा पानी ढोने पर मजबूर

हिमाचल में विकास के भले ही कितने भी कसीदे पढ़े जाएं। लेकिन कई इलाकों में विकास अभी भी दूर की कौड़ी ही नजर आता है। फिर चाहे वह कोई भी इलाका हो। आज आजादी के 73 साल बाद हिमाचल के लोग आधारभूत सुविधाओं तक से वंचित है। अभी गर्मियां ठीक से शुरू भी नही हुई, हिमाचल में कई जगहों से पीने का पानी गायब हो चुका है। पेयजल योजनाएं ठप्प हो चुकी है और आम जनता पानी के लिए तरस गई है।

ताजा मामला हिमाचल की सराज विधानसभा क्षेत्र की बरयोगी पंचायत के गागण गांव से सामने आया है। मामले के वीडियो और फ़ोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके है लेकिन ना तो विभाग की नींद खुली है और ना ही प्रशासन को कोई फर्क पड़ा है। जानकारी के मुताबिक गागण गांव में पिछले दो महीनों से पीने का पानी नही आ रहा, जिसके चलते गांववासी एक किमी दूर से पानी ढोने के लिए मजबूर है। गांव के लोगों ने विभागीय अधिकारियों को भी सूचित किया लेकिन अभी तक कोई समाधान नही निकला है।

22 अप्रैल को हर घर में नल बिना जल मिशन के तहत गांववासियों की ओर से और पंचायत की ओर से प्रस्ताव सौंपा गया। उस प्रस्ताव के माध्यम से गांव वालों को टेंकर की सहायता से पानी देने का आग्रह किया था, मगर जल शक्ति विभाग ने टेंकर देने से साफ इन्कार कर दिया। स्थानीय जनता के मुताबिक अधिकारियों ने कहा कि हिमाचल में सिंचाई मंत्री ने टेंकर बंद कर दिए हैं। गांव की आम जनता ने सिंचाई मंत्री से सवाल किया है कि हम मंत्री से पुछते है कि ये कहां का न्याय है।

गांववासियों की इस समस्या का समाधान करने हेडपंप कम्पनी को भी बुलाया गया था लेकिन मौके पर पहंची हुई टीम को भी कोई सफलता हाथ न लगी। गांव के लोगों ने जल शक्ति विभाग से टेंकर की सहायता से पीने का स्वच्छ पानी दिलाने की मांग की है, ताकि गांववासियो को राहत मिल सके ।

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