राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की ग्वालियर में पूजा से एक बार फिर एमपी में सियासी तापमान बढ़ गया है। गोडसे को आदर्श मानने वाली हिन्दू महासभा ने अब गोडसे ज्ञानशाला की शुरुआत की है। पार्टी का कहना है कि इसके माध्यम से हम युवा पीढ़ी को देश की आजादी के लिए बलिदान देने वालों की गाथा बताएंगे।

ग्वालियर स्थित हिंदू महासभा के ऑफिस में गोडसे के जन्मदिन पर नारेबाजी की गई है। पार्टी नेता ने दावा किया कि गोडसे गांधी का ही नहीं जिन्ना का प्रतिकार करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि यदि फिर किसी ने देश का विभाजन करने की कोशिश की तो हिंदू महासभा फिर नाथूराम गोडसे पैदा करेगी। ग्वालियर के दौलतगंज में स्थित हिंदू महासभा के पार्टी कार्यालय में आज हिंदू महासभा ने गोडसे ज्ञान शाला का शुभारंभ किया।

पार्टी नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के चित्र पर तिलक किया और उसकी आरती उतारी। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ जयवीर भारद्वाज ने कहा कि हिंदू महासभा ने देश कि आजादी में हजारों देश भक्त कुर्बान किए लेकिन कांग्रेस ने जिस तरह से क्रांतिकारियों बलिदानियों का अपमान किया और देश का विभाजन किया जिसके बाद हमारे लाखों हिंदू मारे गए ये देश नहीं भूल सकता।

उन्होंने कहा कि हिंदुओ के कत्ले आम ने नाथूराम गोडसे को हिला दिया था वे गांधी ही नहीं जिन्ना का भी प्रतिकार करना चाहते थे। लेकिन समय कम होने के कारण गांधी को निशाना बनाया गया। डॉ भारद्वाज ने कहा कि गोडसे ज्ञानशाला के माध्यम से हम नई पीढ़ी को देश का सही इतिहास बतायेंगे, आजादी के लिए जान देने वाले बलिदानियों की जानकारी देंगे। गोडसे का वो बयान भी बतायेंगे जो उन्होंने फांसी की सजा से पहले कोर्ट में दिया था जिससे उनकी उस देशभक्त भावना को बताया जायेगा जो अबतक छिपा कर रखी गई।

कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा कि ग्वालियर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की विधिवत पूजा अर्चना, आरती के बाद उसकी ज्ञानशाला संपन्न हुई। कार्यक्रम स्थल पर बाकायदा श्याम प्रसाद मुखर्जी, डॉ केशव बलीराम हेडगेवार की भी तस्वीरें लगी थी। प्रदेश सरकार, संघ कबीले और बीजेपी की यह नूर कुश्ती क्या है।

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