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यूपी; बुखार आता है सांस फूलती है और दो दिन में मौत, पिछले 30 दिन में मर गए 145 लोग

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में कोरोना का कहर जारी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट भी इसको लेकर चिंतित है। कोर्ट ने सोमवार को ही सरकार को हर जिले में 20 एंबुलेंस और हर गांव में 2 ICU वाली एंबुलेंस तैनात करने का आदेश दिया है। कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) और प्राइमरी हेल्थ सेंटर (PHC) में भी सुविधाएं बढ़ाने को कहा।

इन्हीं पॉइंट्स पर गोरखपुर, अमेठी, कानपुर, बुलंदशहर और बागपत के 6 बड़े गांवों में हालात का जायजा लिया। इन गांवों में लोग दहशत में हैं। महज एक महीने के अंदर इन 6 गांव में 145 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इनमें ज्यादातर को बुखार आया था। लोगों ने सांस फूलने की शिकायत की और एक से दो दिन में ही उनकी जान चली गई। पेश है पूरी रिपोर्ट…

1. गोरखपुर का संग्रामपुर गांव, यहां 20 दिन में 35 मौतें

डीएम ऑफिस से 20 किलोमीटर दूर संग्रामपुर में पिछले 20 दिनों में 35 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। यहां न तो टेस्टिंग हो रही है और न ही कोरोना का इलाज किया जा रहा है। 60 हजार की आबादी वाले इस इलाके के लोग दहशत में हैं।

  • गांव के हरिशंकर सिंह बताते हैं कि यहां मरने वालों को पहले बुखार आता है, फिर खांसी शुरू होती है और मरीज की सांस फूलने लगती है। जब तक इलाज के लिए ले जाते हैं उनकी मौत हो जाती है।
  • उनवल की प्रधानाध्‍यापिका रहीं 50 साल की सुधा पांडेय, 55 साल की सुधा चौधरी, 67 साल के परशुराम गुप्‍ता, 70 साल के विदेश चौहान और एक अन्य की मौत एक ही दिन हुई।
  • अगले ही दिन वार्ड नंबर 9 के रहने वाले 90 साल के शंकर यादव, 60 साल के जमशेद, वार्ड नंबर 4 के तिवारी टोला के 25 साल के अंगद त्रिपाठी, वार्ड नंबर 4 की 60 साल की सुभावती निषाद, वार्ड नंबर 11 के 62 साल के महेश गौड़, वार्ड नंबर एक के 60 साल के रामलखन की मौत हो गई।
  • गांववाले बताते हैं कि यह इलाका यूपी सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री राजा जय प्रताप सिंह के करीबियों का है। फिर भी यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला लगा रहता है।
  • एक्जक्यूटिव ऑफिसर (EO) मनोज श्रीवास्तव बताते हैं कि पंचायत चुनाव के बाद यहां कई लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य केंद्र अभी फार्मासिस्ट चलाते हैं, क्योंकि डॉक्टर की पोस्टिंग नहीं हुई है।

2. कानपुर के टिकरा में अब तक 17 लोगों ने जान गंवाई

कानपुर शिवली रोड पर बसे टिकरा गांव में अब तक 17 मौतें हो चुकी हैं। पहली मौत 15 अप्रैल को हुई थी। 4,700 आबादी वाले इस गांव में हर दिन किसी न किसी की जान जा रही है। इन मौतों के बाद गांव में दहशत है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन अब तक इस गांव में नहीं पहुंचा है। यहां हर दूसरे-तीसरे घर में किसी न किसी को बुखार और खांसी हो रही है।

  • प्रधान निशा शुक्ल बताती हैं कि कई बार स्वास्थ्य विभाग और जिलाधिकारी कार्यालय में गांव के हालात के बारे में सूचना दी, लेकिन अभी तक कोई नहीं आया।
  • आसपास के गांव के लोगों ने टिकरा गांव से दूरी बना रखी है।
  • गांव में सैनिटाइजेशन का काम भी नहीं हुआ है।

3. अमेठी के दादरा और टीकर माफी गांव में 50 से अधिक मौतें

अमेठी के मुसाफिरखाना तहसील के दादरा गांव और अमेठी तहसील के टीकर माफी गांव में इन दिनों सन्नाटा पसरा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अब तक दोनों गांवो में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। फिर भी यहां न दवाई है, न जांच है और न ही सैनेटाइजेशन।

  • दादरा गांव गौरीगंज जिला मुख्यालय से लगभग 26 किलोमीटर दूर है। यहां करीब 10 हजार लोग रहते हैं।
  • रोज हो रही मौतों से लोग इतने डरे-सहमे हैं कि 10 हजार की आबादी में 100 लोग भी सड़कों पर दिखाई नही दे रहे।
  • गांव के अमर बहादुर सिंह बताते हैं कि इतनी मौतों के बाद भी यहां न तो सैनेटाइजेशन हुआ और न ही कोई टेस्टिंग।
  • गांव वाले कहते हैं कि कई बार यहां स्वास्थ्यकर्मी आए, लेकिन घूमकर वापस चले जाते हैं।
  • प्रधान प्रतिनिधि संदीप सिंह बताते हैं कि इस गांव में कोरोना के दौर में 30 से 35 लोगों की मौत हुई है। इनमें से 70-80 फीसदी बुजुर्ग थे और उन्हें पहले से बीमारियां थीं।
  • अमेठी तहसील से 10 किलोमीटर दूर भादर ब्लाक में 24 लोगों की मौत हुई है। इनमें से 14 मौत इस ब्लॉक के टीकरमाफी गांव में ही हुई हैं।
  • अमेठी के CMO आशुतोष दुबे कहते हैं कि, हमने CHC अधीक्षक को अपनी टीम के साथ इलाके का इंस्पेक्शन करने और संदिग्धों की जांच कराने को कहा है।

4. बागपत का तमेलागढ़ी गांव, यहां 25 दिन में 20 मौतें
बागपत के तमेलागढ़ी में पिछले 25 दिन में 20 मौत होने से हड़कंप मचा हुआ है। 7,000 की आबादी वाले इस गांव में 800 परिवार रहते हैं। ये गांव बागपत, मुजफ्फरनगर और मेरठ की सीमाओं से लगा हुआ है। ग्राम प्रधान राजीव का कहना है कि यहां करीब 150 लोगों को बुखार है। बीते 25 दिनों में 20 लोगों की मौत हो चुकी है।

  • बीमारी से गांव में दहशत है। ग्राम प्रधान राजीव का आरोप यह है कि गांव में बने उपकेंद्र पर दवाएं नहीं मिल रहीं। पहले एक डॉक्टर बैठते थे, लेकिन कोरोना शुरू होते ही उन्होंने भी आना बंद कर दिया है।
  • बिनौली CHC अधीक्षक डॉ. अतुल बंसल बताते हैं कि गांव में 15-20 लोगों की मौत होने की सूचना मिली थी। जांच में पता चला कि इन सभी को पुरानी बीमारियां थीं। अब डोर टू डोर गांवों में अभियान चलाया जा रहा है।

5. बुलंदशहर का कुंवरपुर, यहां 15 दिन में 28 की जान गई

बुलंदशहर के कुंवरपुर गांव में 15 दिन के अंदर 28 लोगों की मौत हो चुकी है। गांव वालों का आरोप है यहां स्वास्थ्य विभाग कोई जांच नहीं कर रहा, इसलिए पता भी नहीं चल रहा कि किसे कोरोना है, किसे नहीं है। गांव की शगुन ने बताया कि हमारे गांव में 30 साल के लोग ज्यादा संक्रमित हैं। ज्यादातर लोगों की मौत हो रही है।CHC-PHC बंद रहते हैं। यहां अब सिर्फ लोगों को घरों में रहने के लिए हिदायत दी जा रही है।

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