Patna News: पटना में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां नीट (NEET) छात्रा की मौत पर पुलिस का झूठ बेनकाब हो गया है। पुलिस इसे आत्महत्या बता रही थी। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने रूह कंपाने वाला सच उगला है। रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रा अपनी आबरू बचाने के लिए दरिंदों से दो घंटे तक लड़ती रही। अंत में वह जिंदगी की जंग हार गई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दरिंदगी की दास्तां
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पढ़कर किसी का भी दिल दहल जाएगा। छात्रा के शरीर पर मिले गहरे जख्म उसके संघर्ष की गवाही दे रहे हैं। प्राइवेट पार्ट पर मिली चोटें एक से ज्यादा हमलावरों की ओर इशारा कर रही हैं। दरिंदों ने उसके साथ हैवानियत की हदें पार कर दीं। छाती पर नोंचने के निशान मिले हैं। संघर्ष के कारण उसकी पूरी पीठ नीली पड़ गई थी। साफ है कि उसने आखिरी सांस तक हार नहीं मानी थी।
पुलिस ने बिना जांच बता दिया ‘सुसाइड’
पटना पुलिस की भूमिका शुरू से ही शक के घेरे में है। छात्रा की मौत 11 जनवरी को हुई थी। पुलिस ने बिना किसी ठोस जांच के इसे ‘सुसाइड’ करार दे दिया। अधिकारियों ने यौन हमले की बात को सिरे से खारिज कर दिया था। दूसरी तरफ, पीड़ित परिवार पहले दिन से ही इसे हत्या बता रहा था। वे चीख-चीख कर कह रहे थे कि उनकी बेटी के साथ गलत काम हुआ है।
इंसाफ मांगने पर बरसाईं लाठियां
पुलिस ने परिवार की एक नहीं सुनी। इंसाफ के लिए परिजनों और स्थानीय लोगों ने 13 जनवरी को प्रदर्शन किया। पुलिस ने संवेदनहीनता दिखाते हुए उन पर लाठियां बरसाईं। पुलिस अपनी झूठी थ्योरी पर अड़ी रही। लेकिन पुलिस की बर्बरता के 4 दिन बाद सच सामने आ ही गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद विभाग की नींद टूटी। तब जाकर पुलिस ने आधिकारिक तौर पर माना कि छात्रा के साथ रेप हुआ था।
