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Patna News: कोरोना में ‘सांसों के सौदागर’ ने ली NEET छात्रा की जान? मनीष रंजन की काली कुंडली देख पुलिस भी सन्न

Patna News: पटना में नीट (NEET) छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने गुरुवार, 15 जनवरी को उसे दबोचा। मनीष का इतिहास अपराधों से भरा पड़ा है। वह कोरोना काल में ऑक्सीजन की कालाबाजारी से लेकर गांव में हर्ष फायरिंग तक में शामिल रहा है। पुलिस अब इस रसूखदार की काली कमाई और छात्रा की मौत के कनेक्शन को खंगाल रही है।

सलाखों के पीछे पहुंचा हॉस्टल मालिक

पुलिस की इस कार्रवाई को केस सुलझाने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है। मनीष रंजन उर्फ मनीष चंद्रवंशी फिलहाल जेल की हवा खा रहा है। प्रथम दृष्टया पुलिस को उसकी भूमिका संदिग्ध लगी है। एसआईटी (SIT) अब बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश रची गई। मनीष की गिरफ्तारी से कई सफेदपोशों के चेहरों से नकाब उतर सकता है।

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गोलियों की तड़तड़ाहट से पुराना नाता

मनीष रंजन कानून को अपनी जेब में रखता आया है। वह मूल रूप से जहानाबाद जिले के मखदूमपुर थाना क्षेत्र का है। उसका गांव जगपुरा पंचायत में पड़ता है। वहां गृह प्रवेश के दौरान उसने हर्ष फायरिंग की थी। उस गोलीबारी में एक युवक को गोली लग गई थी। मनीष उस कांड में भी नामजद आरोपी है। इसके बावजूद वह पटना में खुलेआम हॉस्टल और अस्पताल चला रहा था। प्रशासन की नाक के नीचे वह अपना साम्राज्य बढ़ाता रहा।

लाशों के ढेर पर खड़ा किया साम्राज्य

मनीष रंजन को लेकर सबसे भयावह खुलासा ऑक्सीजन गैस एजेंसी को लेकर हुआ है। जब देश कोरोना की मार झेल रहा था, तब मनीष कालाबाजारी कर रहा था। लोग ऑक्सीजन के लिए तड़प रहे थे और वह मुनाफा कमा रहा था। उसने आपदा को अवसर बनाया और चंद सालों में करोड़पति बन गया। जानकारों के मुताबिक, वह पटना के राजेश्वर हॉस्पिटल में एक मामूली कर्मचारी था। आज वह खुद का हॉस्पिटल और हॉस्टल चला रहा है।

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अस्पताल की आड़ में काले कारनामे

स्थानीय लोगों का दावा है कि मनीष अपने अस्पताल की आड़ में गलत काम करता था। एक छोटा कर्मचारी अचानक अस्पताल का मालिक कैसे बन गया? यह सवाल सबके मन में है। लोगों ने मांग की है कि मनीष की संपत्ति की जांच ईडी (ED) और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) से कराई जाए। छात्रा की मौत ने इस ‘मुन्नाभाई’ के पूरे काले साम्राज्य की पोल खोलकर रख दी है। पुलिस अब उसके हर पुराने रिकॉर्ड को खंगाल रही है।

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