पोंटा साहिब एक प्रवासी मजदूर की नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है आरोप है कि शिकायत लेकर परिजन पांवटा थाना पहुंचे लेकिन पुलिस द्वारा बेइज्जत कर वापिस भेज दिया गया।

विश्व महिला दिवस पर एक और जहां महिलाओं के सम्मान और उत्थान के लिए बड़ी-बड़ी बातें की जा रही थी वही पांवटा थाने में दुष्कर्म की शिकार एक नाबालिग बच्ची को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पोंटा साहिब के गुरुद्वारा श्री कृपाल शीला के नजदीक यह प्रवासी परिवार रहता है। इनकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ दुष्कर्म करने वाला भी प्रवासी है। जब यह परिवार नाबालिग बेटी के साथ हुए दुष्कर्म की शिकायत लेकर पहुंचा तो इस बच्ची सहित परिवार के साथ थाना कर्मचारियों ने यह कहकर उन्हें वहां से भगा दिया कि अब चोरी हो चुकी है। पुलिस कहां ढूंढती फिरेगी। अपने घर जाओ और अपना मामला सुलझाओ।

दुष्कर्म की शिकार हुई बच्ची के संबंधी प्रदीप कुमार ने बताया कि थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने कुछ देर बैठा कर इन्हें यह कहकर थाने से बाहर कर दिया कि तुम्हारे यहां चोरी हो चुकी है। अब हम कुछ नहीं कर सकते। सिर्फ इतना ही नहीं असंवेदनशील पुलिस कर्मचारियों ने नाबालिक बच्ची मां-बाप और पड़ोसियों को यहां तक कहा कि यह प्रवासी मजदूर है। दोनों ही आपस में निपटें पुलिस इसमें क्या कर सकती है।

दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले पर पावटा पुलिस थाना में इस तरह की बदसलूकी और असंवेदनशीलता बेहद चिंतनीय है, चिंतनीय इसलिए भी है कि आखिर हिमाचल प्रदेश पुलिस जो बेहद संवेदनशील देश में मानी जाती है वह किस ओर जा रही है।

वहीं इस मामले में एसपी सिरमौर डॉक्टर खुशहाल शर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पावटा पुलिस अधिकारियों को तुरंत मामला दर्ज करने और आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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