New Delhi News: Pakistan का झूठ अब पूरी दुनिया के सामने आ गया है। साल 2026 की शुरुआत में ही एक बड़ा खुलासा हुआ है। अमेरिका में जारी नए दस्तावेजों ने Pakistan के झूठे प्रोपेगेंडा की हवा निकाल दी है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान Pakistan बुरी तरह डरा हुआ था। उसने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से भारत के हमले रोकने के लिए 100 से ज्यादा बार गुहार लगाई थी। यह सनसनीखेज खुलासा FARA (फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट) के दस्तावेजों से हुआ है।
जान बचाने के लिए अमेरिका की शरण में था पाकिस्तान
Pakistan ने अपनी जान बचाने के लिए वाशिंगटन में जमकर लॉबिंग की थी। स्क्वॉयर पैटन बोग्स नामक लॉ फर्म ने नए दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। इनसे पता चलता है कि Pakistan के डिप्लोमैट्स और रक्षा अधिकारियों ने अमेरिकी अधिकारियों को लगातार फोन किए। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ईमेल और कॉल के जरिए 100 बार से ज्यादा संपर्क साधा। Pakistan चाहता था कि अमेरिकी अधिकारी बिचौलिये बनें और भारत को रोकें। वे अमेरिकी मीडिया और सरकार के साथ बैठकें करने के लिए भी गिड़गिड़ा रहे थे।
ट्रंप के दावों की खुली पोल
ये दस्तावेज डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता वाले दावों की भी सच्चाई बताते हैं। Pakistan ने अमेरिका से कहा था कि वह भारत से बातचीत शुरू कराए। दस्तावेजों में लिखा है कि Pakistan पहलगाम हमले की जांच में अमेरिका की मदद चाहता था। वह सिन्धु जल संधि और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भारत से बात करने को बेताब था। Pakistan ने साफ कहा था कि कोई तीसरा पक्ष (अमेरिका) ही दोनों देशों के बीच समझौता करा सकता है। यानी मदद की भीख Pakistan मांग रहा था, भारत नहीं। ट्रंप का यह दावा गलत साबित हुआ कि भारत बातचीत चाहता था।
अमेरिका को दिए लालच और ऑफर
Pakistan युद्ध रुकवाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार था। शहबाज शरीफ और जनरल असीम मुनीर ने अमेरिका को कई लुभावने ऑफर दिए। दस्तावेजों के मुताबिक, Pakistan ने अमेरिका को ज्यादा इन्वेस्टमेंट और क्रिटिकल मिनरल्स तक पहुंच देने का वादा किया। उन्होंने अमेरिका से ज्यादा सामान खरीदने और एनर्जी सेक्टर में काम करने का लालच भी दिया। Pakistan ने अमेरिका को खुश करने के लिए यहां तक कहा कि उसने काबुल ब्लास्ट के आरोपी को पकड़कर अमेरिका को सौंपा है।
भारतीय सेना के खौफ में था पड़ोसी मुल्क
10 मई को जब सीजफायर की घोषणा हुई, तब भी Pakistan की घबराहट कम नहीं हुई थी। भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि यह सीजफायर अस्थायी है और ऑपरेशन सिंदूर जारी रहेगा। इस बयान से Pakistan और डर गया और उसने अपने ‘अमेरिकी मालिकों’ से फिर गुहार लगाई। यह साफ दिखाता है कि भारत के हमलों ने Pakistan की सेना की कमर तोड़ दी थी। वह जानता था कि अगर युद्ध आगे चला तो उसका टिकना नामुमकिन है। अब यह साफ हो गया है कि जीत का झूठा ढोल पीटने वाला Pakistan असल में खौफ के साये में जी रहा था।

