World News: पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया। इन रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि देश गाजा में बीस हजार सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा है। सूचना प्रसारण मंत्रालय ने इस खबर को गलत बताया। एक टीवी चैनल ने यह दावा किया था कि पाकिस्तान पश्चिमी देशों और इजरायल की निगरानी के लिए सैनिक भेजेगा।
मंत्रालय ने पासपोर्ट से इजरायल यात्रा प्रतिबंध हटाने की खबर को भी गलत बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय का हवाला दिया। बयान में स्पष्ट किया गया कि इजरायल के प्रति पाकिस्तान की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।
इजरायल को मान्यता नहीं
पाकिस्तान सरकार ने अपने रुख को स्पष्ट किया। देश इजरायल को मान्यता नहीं देता है। कोई सैन्य सहयोग या engagement मौजूद नहीं है। इस विषय पर कोई चर्चा भी नहीं हो रही है। पासपोर्ट क्लॉज अभी भी बरकरार है।
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ इमिग्रेशन एंड पासपोर्ट्स ने इसकी पुष्टि की। पासपोर्ट इजरायल को छोड़कर सभी देशों के लिए वैध है। सरकार ने लोगों से आधिकारिक बयानों पर भरोसा करने की अपील की। बिना पुष्टि की गई खबरों से बचने को कहा।
फिलिस्तीन का समर्थन जारी
पाकिस्तान फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों का समर्थन करता रहेगा। देश 1967 की सीमाओं पर आधारित स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना चाहता है। इसकी राजधानी अल-कुद्स अल-शरीफ होनी चाहिए। पाकिस्तान की यह नीति लंबे समय से चली आ रही है।
मंत्रालय ने मीडिया से जिम्मेदारी बरतने का आग्रह किया। राजनीतिक रूप से चार्ज किए गए दावों को प्रकाशित न करें। आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें। इससे भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी।
मंत्री के बयान ने बढ़ाई अटकलें
इस हफ्ते की शुरुआत में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि गाजा शांति सेना के लिए सैनिक भेजने का फैसला प्रक्रिया में है। जियो न्यूज के एक इंटरव्यू में उन्होंने इसकी पुष्टि की थी। उन्होंने कहा था कि यह मामला अभी फाइनल होना बाकी है।
आसिफ ने स्पष्ट किया था कि सरकार इस प्रक्रिया से गुजरने का फैसला करेगी। उन्होंने खुद इस मामले को पहले से रोकना नहीं चाहा था। इस बयान के बाद से ही अटकलों का दौर शुरू हो गया था।
अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की योजना
अमेरिका की मध्यस्थता से हुए गाजा शांति समझौते में एक महत्वपूर्ण बात शामिल है। इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स का गठन किया जाना है। इस बल में अधिकांश मुस्लिम-बहुल देशों के सैनिक शामिल होंगे। यह फोर्स गाजा में शांति और स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगी।
बातचीत से जुड़े अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान सरकार की ओर से जल्द ही कोई घोषणा हो सकती है। हालांकि सरकार ने अभी तक किसी आधिकारिक निर्णय की पुष्टि नहीं की है।
अंदरूनी बातचीत एडवांस स्टेज पर
बातचीत से वाकिफ अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान सरकार और सेना के भीतर चर्चा उन्नत चरण में है। अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर जानकारी दी। उनके अनुसार अंदरूनी बातचीत के तरीके से लगता है कि इस्लामाबाद इस मिशन में हिस्सा लेने के लिए तैयार है।
हालांकि सरकार ने आधिकारिक तौर पर किसी भी योजना से इनकार किया है। यह स्थिति पाकिस्तान की विदेश नीति में जटिलताओं को दर्शाती है। देश को अपने रुख को स्पष्ट करने की आवश्यकता महसूस हो रही है।
