Nagpur News: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नागपुर में पड़ोसी देशों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि हमारा पड़ोसी जरा ‘सिरफिरा’ है। वह कब क्या हरकत कर दे, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। रक्षा मंत्री ने साफ कहा कि न जाने कब हमें हथियारों की जरूरत पड़ जाए। इसलिए भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना ही होगा। राजनाथ सिंह नागपुर में इकोनॉमिक्स एक्सप्लोसिव कंपनी का दौरा करने पहुंचे थे।
बदल रहा है युद्ध का तरीका
राजनाथ सिंह ने दुनिया भर में चल रहे संघर्षों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज युद्ध का स्वभाव और नेचर तेजी से बदल रहा है। रूस-यूक्रेन संघर्ष महीनों से चल रहा है, जबकि कुछ युद्ध केवल कुछ घंटों तक ही चलते हैं। युद्ध की तीव्रता (Intensity) बढ़ती जा रही है। ऐसे में हमारी तैयारी भी युद्ध स्तर पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 88 घंटे के ऑपरेशन को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। ऐसे में हर मिनट और हर फैसले का महत्व होता है।
प्राइवेट सेक्टर की भूमिका 50% होनी चाहिए
रक्षा मंत्री ने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि रक्षा निर्माण में प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी कम से कम 50% हो। एक समय था जब यह क्षेत्र केवल पब्लिक सेक्टर तक सीमित था। लेकिन अब समय बदल गया है। शिक्षा से लेकर तकनीक तक, हर जगह प्राइवेट सेक्टर अहम भूमिका निभा रहा है। हमें प्राइवेट सेक्टर की क्षमता पर पूरा भरोसा है। सरकार धीरे-धीरे सभी प्लेटफॉर्म सिस्टम और सब-सिस्टम को स्वदेशी बना रही है।
रक्षा उत्पादन में भारी उछाल
राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों के आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में आत्मनिर्भरता की दिशा में काफी काम हुआ है। साल 2014 में घरेलू रक्षा उत्पादन करीब 46,000 करोड़ रुपये था। आज यह आंकड़ा बढ़कर डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। यह सब प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी का ही नतीजा है। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि भारत हथियारों के उत्पादन का ग्लोबल हब बने।
डिफेंस एक्सपोर्ट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
रक्षा मंत्री ने बताया कि भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट भी तेजी से बढ़ा है। 10 साल पहले यह सिर्फ 1,000 करोड़ रुपये के आसपास था। अब यह बढ़कर 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। सरकार ने 2030 तक इसे 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने ‘नागास्त्र’ जैसे आधुनिक हथियारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर यह दुश्मनों के लिए घातक साबित होंगे। हमें हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा क्योंकि पड़ोसी की नीयत पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
