आज देश के विपक्ष के नेता माननीय राष्ट्रपति भारत सरकार से किसान आंदोलन के समर्थन में मिलेंगे और नए लाए तीन कृषि बिलों को लेकर अपनी चिंता राष्ट्रपति भारत सरकार के साथ सांझा करेंगे। सभी विपक्षी नेता राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की गुहार भी लगाएंगे ताकि देश में बन रही स्थिति को सुधारा जा सके। विपक्ष के नेताओं में शरद पवार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और वामदलों के नेताओं का इसमें शामिल होने का अनुमान है।
सभी विपक्ष के नेता राष्ट्रपति से मिलने से पहले इस बारे बैठक करेंगे और उसके बाद आगे की रणनीति तय होगी। क्योंकि कोविड 19 के चलते राष्ट्रपति से एक समय और ज्यादा से ज्यादा पाँच नेताओं को मिलने की अनुमति है।

विपक्ष में बैठे एनसीपी प्रमुख शारद पवार ने अपने कृषि मंत्री रहते तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को लिखे पत्र पर सफाई देते हुए कहा है कि मैंने पत्र लिखा था और मामूली सुधारों की बात कही थी। लेकिन भाजपा सरकार के कृषि बिलों में एमएसपी का कहीं जिक्र तक नही है। भाजपा सरकार आम जनता का ध्यान पत्र के मामले को बीच में लाकर भटकाना चाहती है।

उधर आम आदमी पार्टी ने पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल को नजरबंद करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सोमवार को किसानों के साथ मिलने के बाद पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास के चारों ओर बैरिकेड लगा दिए। गृह मंत्रालय के इशारों पर ना तो किसी को अंदर आने दिया जा रहा था और ना ही मुख्यमंत्री को बाहर निकलने दिया गया।

केजरीवाल का भी कहना है कि अगर उनको रोका नही गया होता तो वह किसान आंदोलन का समर्थन करते जाते। वही पुलिस ने कहा है कि नजरबंद करने के आरोप बेबुनियाद है और मुख्यमंत्री ने जिस किसी को अंदर आने की अनुमति दी। हमने उनको नही रोका है और मुख्यमंत्री आवास पर पहले की तरह पुलिस तैनात है।

By RIGHT NEWS INDIA

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