मनरेगा व निर्माण कामगार संगठन का एक दिवसीय सम्मेलन संपन्न, उठाया श्रम बोर्ड की लचर कार्य प्रणाली का मुद्दा

सराज विधानसभा क्षेत्र से सटा क्षेत्र शनोरवैली के शालानाल में हिमाचल प्रदेश मनरेगा एंव निर्माण कामगार संगठन इकाई शनोर वैली द्वारा एक दिवसीय प्रथम सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन की अध्यक्षता जिला परिषद सदस्य रीतु ठाकुर वार्ड नंगवाई व कामगार संगठन के प्रदेशाध्यक्ष संत राम विशेष अतिथि के बतौर उपस्थित रहे। जानकारी देते हुए संगठन के अपाध्यक्ष अजीत ठाकुर ने बताया कि इस सम्मेलन में 16 पंचायतों के लगभग पांच सौ कामगारों ने भाग लिया जिसमें ज्यादातर संख्या महिलाओं की थी।

सम्मेलन में कामगारों को संबोधित करते हुए जिला परिषद रिता ठाकुर ने कहा कि आने वाले समय में शनोर वैली में कामगारों श्रमिक कल्याण बोर्ड से जोड़ने की प्रक्रिया को जीमीनी स्तर पर कार्य किया जाएगा और कामगारोें को उनके हकों दिलवाने के लिए संगठन दिन रात कार्य करेगा। वहीं कामगार संगठन के अध्यक्ष संत राम ने कामगारों को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा कानून व श्रमिक कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाओं की जानकारी विस्तार से दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय इस तरह के सम्मेलन प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित किए जाएगें ताकि मनरेगा कानून को उसकी मूल भावना के अनुरूप् जमीनी स्तर पर लागू करने तथा सभी मनरेगा एंव निर्माण कामगारों को श्रमिक कल्याण बोर्ड से जोड़ने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा ताकि प्रदेश के तमाम कामगार बोर्ड की विभिन्न सुविधआों का लाभ ले सकें।

संत राम ने कहा कि श्रमिक कल्याण बोर्ड द्वारा बहुत सारी सुविधांए कामगारों को दी जा रही है लेकिन बोर्ड की लचर कार्यप्रणाली व सरकार की इच्छा शक्ति ना होने के कारण कामगार सभी प्रकार की सुविधाओं से बंचित रह रहे है। मंड़ी जिला का उदाहरण देते हुए कहा कि पचीस हजार से ज्यादा कामगारों की फाइलें मंड़ी जिले में पेंडिग पडी है, जिसके लिए सरकार द्वारा कोई कदम नही उठाये जा रहे है। जबकि हिमाचल प्रदेश में मात्र एक बोर्ड जिसके पास छः सौ करोड़ के आसपास धनराशी उपलब्ध है। उस राशी सरकार द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गत वर्ष मुख्यमंत्री राहत कोष में बोर्ड द्वारा दो करोड़ रुपया दिया गया है। जबकि मजदूरों की मिलने वाली सुविधओं देने में जानबुझ देरी की जा रही है।

उन्होंने कहा यदि इस तरह की कार्य प्रणाली रही तो आने वाले समय में प्रदेश में एक बडा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। इस अवसर पर दिशा महिला मंडल नाउ, जय लक्ष्मी महिला मंडल प्रेमजानी, विनायक महिला मंडल जला, दुर्गा महिला मंडल गरशाण, मा संतोषी महिला मंडल बाघड, गणविधा महिला मंडल भर्षी भडयाडी ने अपने संस्कृति कार्यक्रम भी पेश किए। इस दौरान 31 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन भी किया गया जिसमें शोभा राम को अध्यक्ष व पाणू देवी को को सचिव की जिम्मेवरी दी गयी। इस मौके पर सम्मेलन के संयोजक शोभ राम भारद्वाज सदस्य बीडीसी, प्रधान दिशा शर्मा, बीडीसी कुसूमा देवी, उप प्रधान कमल चौहान, उप प्रधान नेत्र सिंह, सुनता ठाकुर आदि गणमान्य भी उपस्थित रहे।

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