प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली मेट्रो के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) जारी किया। गुरुवार को देश की पहली ड्राइवरलेस यानी बिना ड्राइवर की मेट्रो ट्रेन का सुबह 11 बजे पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुभारंभ किया।

देश की यह पहली ड्राइवरलेस मेट्रो मजेंटा लाइन पर बोटेनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम के बीच चली है। नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड की सेवा शुरू होते ही यात्रियों को स्मार्ट कार्ड या टोकन लेने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वो रूपे डेबिट कार्ड से ही सफर कर सकेंगे। यात्री जैसे ही कार्ड पंच करेंगे, अकाउंट से पैसे कट जाएंगे।

यह है नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड
नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) दरअसल, वन नेशन वन कार्ड वाला एटीएम है। इस एक कार्ड से उपभोक्ता कई सुविधाओं का लाभ उठा सकता है। सबसे बड़ा फायदा तो यह है कि इस कार्ड का इस्तेमाल करने के दौरान उपभोक्ता को अलग-अलग कार्ड रखने की परेशानी पूरी तरह से राहत मिल जाएगी। उपभोक्ता इस कॉन्टैक्टलेस कार्ड की सहायता से पब्लिक ट्रांसपार्ट, मेट्रो, रिचार्ज, शॉपिंग जैसे कई तरह के कार्यों में सिर्फ एक कार्ड से ही भुगतान कर सकेंगे। एनसीएमसी की सुविधा 2022 तक संपूर्ण दिल्ली और नोयडा मेट्रो नेटवर्क पर उपलब्ध हो सकेगी।

डेबिट-क्रेडिट कार्ड की तरह करता है काम
यह एक ऐसा स्मार्ट कार्ड है, जो वन नेशन वन कार्ड होने के साथ-साथ भुगतान के लिए कई जगहों पर उपभोक्ता इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल, यह डेबिट-क्रेडिट कार्ड की तरह ही काम करता है। निजी और सरकार दोनों तरह के बैंक अब ऐसे डेबिट-क्रेडिट कार्ड जारी कर रहे हैं, जिनमें नेशनल कॉमन मोबेलिटी कार्ड फीचर होता है।

कहां बनेगा कार्ड
देश के तमाम निजी और सरकारी बैंक अब ऐसे डेबिट-क्रेडिट कार्ड जारी कर रहे हैं, जिनमें नेशनल कॉमन मोबेलिटी कार्ड फीचर होता है। अगर आप भी एनसएमसी कार्ड बनवाना चाहते हैं तो जिस बैंक में आपका अकाउंट है, वहां संपर्क कर सकते हैं। फिलहाल यह सुविधा 23 बैंकों में उपलब्ध हैं। इस कार्ड को बढ़ावा देने के लिए कैशबैक का भी ऑफर दिया जा रहा है।

इन जगहों पर कर सकते हैं भुगतान के लिए इस्तेमाल
नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड अपनी खूबियों के चलते उपभोक्ताओं को पंसद भी आ रहा है। बहुउपयोगी होने के कारण उपभोक्ता के लिए वॉलेट की तरह काम करेगा। जिसके जरिए लोग एक ही कार्ड के माध्यम से टोल, पार्किंग, बस और सब अर्बन ट्रेनों में भुगतान कर सकेंगे। जाहिर है लोगों को हर शहर में अलग-अलग स्मार्ट कार्ड लेकर चलने के झंझट से छुुटकारा मिल जाएगा।

यह भी जानें
– देश के सभी शहरों के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में इससे भुगतान किया जा सकेगा।
– किसी भी शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में एक कार्ड से भुगतान किया जा सकेगा
– रूपे कार्ड को इसमें जोड दिए जाने के बाद क्रेडिट कार्ड की तरह पैसा निकाला भी जा सकेगा।
– नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड के जरिए उपभोक्ता देश में कहीं भी किसी भी भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करने के लिए स्वतंत्र होगा।
– वन नेशन वन कार्ड के तहत उपभोक्ता को पॉकेट में कैश रखकर नहीं चलना होगा, बल्कि इस कार्ड से आप पार्किंग, मेट्रो, ट्रेन आदि में भुगतान कर सकेंगे। यहां तक कि खरीदारी भी कर सकेगें।
– भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड ने वन नेशन वन कार्ड को ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम स्वागत के साथ बनाया है।

पिछले वर्ष किया था लॉन्च
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में गुजरात के अहमदाबाद में एनसीएमसी कार्ड को लॉन्च किया था। अब इसका विस्तार दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर किया गया है।

कैसे काम करती है ड्राइवरलेस मेट्रो
ड्राइवरलेस मेट्रो का सफर कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिग्नलिंग सिस्टम (CBTC) सेपर आधारित है। यह वाई-फाई की तरह काम करता है। यह मेट्रो को सिग्नल देता है जिससे वह चलती है। मेट्रो ट्रेन में लगे रिसीवर सिग्नल मिलने पर मेट्रो को आगे बढ़ाते हैं। विदेशों के मेट्रो सिस्टम में यह काफी समय से उपयोग हो रहा है।

ड्राइवरलेस मेट्रो की तीन खूबियां
1. इसका सिस्टम इतना बेहतर है कि अगर दो मेट्रो एक ही ट्रैक पर आ जाएं तो एक तय दूरी पर अपने आप रुक जाएंगी।
2. मेट्रो में सफर के दौरान कई बार झटके जैसा अनुभव होता है, वह ड्राइवरलेस ट्रेन में ऐसा नहीं होगा।
3. ट्रेन में चढ़ने-उतरने के दौरान पैसेंजर्स को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी, वह पहले की तरह के सिस्टम पर काम करेगी।

By RIGHT NEWS INDIA

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