कम्युनिटी ट्रांसमिशन स्टेज में पहुंचा ओमिक्रोन वेरिएंट, दिल्ली और मुंबई में तेजी से बढ़ सकते है मामले

देश में ओमिक्रॉन (Omicron) का कहर बढ़ता जा रहा है. अब ये कम्युनिटी ट्रांसमिशन (Community Transmission) स्टेज में पहुंच गया है. भारत और कई महानगरों में इसका असर बढ़ता जा रहा है.

INSACOG ने इस बात की जानकारी दी है.साथ ही कहा है कि ओमिक्रॉन का संक्रामक सब-वेरिएंट BA.2 भी देश में मिला है. INSACOG ने अपने 10 जनवरी के बुलेटिन जो कि रविवार को जारी किया, उसमें कहा था कि अब तक के अधिकांश ओमिक्रॉन के मामले बिना लक्षण या हल्के लक्षण वाले हैं. अस्पताल में भर्ती होने और आईसीयू के मामले मौजूदा लहर में बढ़ गए हैं और खतरे का स्तर में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

भारत में अपनी तरह की यह पहली स्टडी है जोकि ओमिक्रॉन से कम्युनिटी ट्रांसमिशन पर की गई है. इसमे संक्रमित लोगों के जीनोम सीक्वेंसिंग के डेटा का अध्ययन किया या है, जिसमे दिल्ली के पांच जिले दक्षिण दिल्ली, दक्षिणपूर्व दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली शामिल हैं. यह आंकड़े 25 नवंबर से 23 दिसंबर के बीच के हैं. बता दें कि दुनियाभर में ओमिक्रॉन के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं. दुनियाभर में संक्रमित लोगों में 13 फीसदी लोगों में अलग लक्षण देखे को मिले हैं, इन लोगों की सूंघने की क्षमता, स्वाद में कमी देखने को मिली है. जबकि 80 फीसदी लोगों में गले की समस्या सामान्य लक्षण है.

दिल्ली और मुंबई में तेजी से बढ़ेंगे मामले

संस्था की रिपोर्ट में कहा गया कि दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में कम्युनिटी स्प्रेड हो चुका है और यहां पर तेजी से मामले सामने आने की संभावना है. बताया गया कि अब बाहर से आए व्यक्ति से संक्रमित होने वाले मामलों के बजाए आंतरिक संक्रमण के मामले सामने आएंगे.

मास्क और वैक्सीन ही हैं सबसे बड़ा हथियार

स्वास्थ्य मंत्रालय की संस्था की ओर से कहा गया कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के कम्युनिटी स्प्रेड से बचने के लिए कोविड अनुरूप व्यवहार, मास्क, सैनिटाइजेशन के अलावा टीकाकरण प्रमुख हथियार है. इसका पालन आवश्यक हैवहीं हाल ही में रिपोर्ट किए गए B.1.640.2 वेरिएंट की निगरानी की जा रही है. इसके तेजी से फैलने का कोई सबूत नहीं है और जबकि इसमें प्रतिरक्षा से बचने की विशेषताएं हैं.

देश में कोरोना के 3 लाख से ज्यादा से केस

बीते एक दिन में देशभर में कोविड के एक बार फिर 3 लाख से अधिक केस दर्ज किए गए हैं, जबकि इसी अवधि के दौरान सवा पांच सौ लोगों ने इस घातक संक्रामक रोग की वजह से जान गंवा दी.तमाम प्रतिबंधों, कोविड वैक्‍सीनेशन के बावजूद संक्रमण के बढ़ते मामलों और इसकी वजह से होने वाली मौतों ने चिंता बढ़ाई है. हालांकि विशेषज्ञ लगातार कोविड रोधी टीकाकरण पर जोर दे रहे हैं, जो मरीजों के गंभीर स्थिति में पहुंचने या मौतों की संख्‍या रोकने में खास तौर पर कारगर बताया जा रहा है.

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