New Delhi/Karnataka News: कर्नाटक की राजनीति में सीएम की कुर्सी को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य में सत्ता संघर्ष की खबरों के बीच डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से अहम मुलाकात की है। रविवार को हुई इस बैठक के बाद शिवकुमार के सुर बदले हुए नजर आए। उन्होंने सीएम पद को लेकर किए गए सवालों पर एक रहस्यमयी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ‘अब समय ही इसका जवाब देगा।’ उनके इस बयान ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
विदेशी दौरा रद्द, दिल्ली में जमाया डेरा
डीके शिवकुमार की आलाकमान से यह मुलाकात इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने अपना विदेश दौरा रद्द कर दिया है। शिवकुमार को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 में शामिल होने जाना था। ऐन वक्त पर यात्रा कैंसिल कर उन्होंने दिल्ली में पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, दौरा रद्द करना इस बात का संकेत है कि पार्टी के भीतर कुछ बड़ा पक रहा है।
पहली बार ‘समय’ पर छोड़ा फैसला
शिवकुमार की ताजा टिप्पणी ने सबको हैरान कर दिया है। दरअसल, अब तक वह मुख्यमंत्री पद के लिए खुलकर अपनी दावेदारी पेश करते रहे हैं। यह पहली बार है जब उन्होंने आक्रामक तेवर दिखाने के बजाय सब कुछ ‘समय’ पर छोड़ दिया है। उनके इस बदले हुए रुख को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। क्या आलाकमान ने उन्हें कोई ठोस आश्वासन दिया है या फिर उन्हें इंतजार करने को कहा गया है? यह सवाल अब भी बना हुआ है।
‘हम राजनेता हैं, राजनीति ही करेंगे’
मुलाकात के बाद डीके शिवकुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस मीटिंग को ज्यादा तूल न दिया जाए। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि वह बैठक के अंदर की बातें साझा नहीं कर सकते। शिवकुमार ने कहा, “हम सभी राजनेता हैं। राजनेता जो चाहते हैं, वही राजनीति करते हैं। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। हम दिल्ली सरकारी काम और पार्टी के काम से आते रहते हैं।”
खड़गे और राहुल से पहले भी हुई चर्चा
इससे पहले 16 जनवरी को भी शिवकुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात की थी। उस मुलाकात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब कोई अच्छी खबर होती है, तो हम उसका ढिंढोरा नहीं पीटते। हम जनता की भलाई के लिए काम करने वाले लोग हैं। नेतृत्व परिवर्तन जैसे मुद्दों पर हम सार्वजनिक रूप से चर्चा या खुलासा नहीं करते हैं। फिलहाल, कर्नाटक कांग्रेस में ‘सब कुछ ठीक’ दिखाने की कोशिश जारी है, लेकिन अंदरखाने की बेचैनी साफ झलक रही है।

