मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने चौ‌थे बजट में हिमाचल में काम करने वाले मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाकर 300 रुपये करने की घोषणा कर दी है। जयराम सरकार के बजट में शनिवार को हजारों मजदूरों को सौगात मिली। हिमाचल में पहले दिहाड़ीदारों को मिलने वाली न्यूनतम दिहाड़ी 275 रुपये थी जो बजट में बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन करने की घोषणा की गई। इसके अलावा अंशकालिक कर्मियों की प्रति घंटा दरों में भी बढ़ोतरी बजट भाषण में की गई। आउटसोर्स पर काम करने वाले कर्मचारियों का शोषण न हो, इसके लिए भी बजट में प्रावधान किया गया। इन कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए मॉडल टेंडर दस्तावेज बनाकर सरकार सभी विभागों को भेजेगी।

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 20 वर्ष की सेवा पूरा करने के बाद मिलने वाली वेतन वृद्धि में विसंगति को दूर किया जाएगा। 2021-22 में 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी ‘हिमकेयर’ के लाभार्थियों व बाल आश्रमों में रह रहे सभी अनाथ बच्चों को हिम केयर योजना में बिना अंशदान दिए शामिल किया जाएगा।

आशा वर्करों का मानदेय 750 बढ़ाया
बजट में कोरोना काल में जान की परवाह न करते हुए काम करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को जयराम सरकार ने बजट में तोहफा दिया। आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय 750 रुपये और बढ़ा दिया गया गया। बजट में आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में राज्य अंशदान को 750 रुपये प्रति माह बढ़ाने की घोषणा की गई।

आगंनबाड़ी वर्करों का मानदेय 500 रुपये बढ़ाया
बजट में आंगनबाड़ी कार्यकताओं का मानदेय प्रतिमाह 500 रुपये बढ़ाने की घोषणा। मिनी आंगनबाड़ी कार्यकताओं का मानदेय प्रतिमाह 300 रुपये बढ़ाने की घोषणा की गई। आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय प्रतिमाह 300 रुपये बढ़ाने की घोषणा।

बजट में घोषणा की गई कि हिमाचल प्रदेश में शगुन योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के बीपीएल परिवारों की बेटियों को विवाह के समय 31 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में हिम-ईरा रसोई कैंटीन योजना शुरू की जाएगी। बागवानों-किसानों को उच्च घनत्व पौधे उचित दामों पर उपलब्ध करवाने के लिए नई स्वर्ण जयंती समृद्ध बागवान योजना शुरू की जाएगी। छठी से दसवीं कक्षा के सरकारी स्कूलों के छात्रों की आंखों की जांच तथा निशुल्क चश्मा प्रदान करने के लिए मिशन दृष्टि शुरू किया जाएगा।

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