अब चारों ग्रैंड स्लैम में होंगे एक जैसे टाईब्रेकर नियम

RIGHT NEWS INDIA: टेनिस (Tennis) के फैंस के लिए साल के चारों ग्रैंड स्लैम सबसे बड़े इवेंट होते हैं जिसका इंतजार वह पूरे साल करते हैं. साल की शुरुआत ऑस्ट्रेलियन ओपन से होती है जिसके बाद फ्रेंच ओपन (French Open) , विंबलडन और यूएस ओपन का आयोजन होता है.

भारत में भी टेनिस के इन ग्रैंड स्लैम का फैंस काफी बेसब्री से इंतजार करते हैं. भारतीय खिलाड़ी भी इन ग्रैंड स्लैम में कई जीत हासिल कर चुके हैं जिसमें सानिया मिर्जा (Sania Mirza), लिएंडर पेस और महेश भूपति जैसे नाम शामिल है.

टेनिस में आपने कई बार ऐसे मुकाबले देखे होंगे जो कि पांच घंटे से भी ज्यादा लंबे समय तक चले हो. पहले चारों ग्रैंड स्लैम में टाई ब्रेकर के नियम नहीं हुआ करते थे लेकिन धीरे-धीरे बदल गई. फ्रेंच ओपन को छोड़कर बाकी तीनों ग्रैंड स्लैम में टाई ब्रेकिंग के अलग-अलग नियम बनाए गए हालांकि अब इसमें बड़ा बदलाव हो रहा है.

क्या है ग्रैंड स्लैम के टाई ब्रेकर के नियम

इसी साल मार्च में ग्रैंड स्लैम बोर्ड ने बताया था कि अब चारों ग्रैंड स्लैम में एक जैसे टाईब्रेकर नियम होंगे. यह नया नियम फ्रेंच ओपन से शुरू होगा. साल का यह दूसरा ग्रैंडस्लैम 22 मई से खेला जाना है. यह चारों ग्रैंज स्लैम में इकलौता ग्रैंड स्लैम है जो कि क्ले कोर्ट पर खेला जाता है. टेनिस का खेल सेट्स में होता है. यहां पुरुष के मैच पांच सेट्स के होते हैं जहां तीन सेट्स जीते वाला वियजी होता है वहीं महिला वर्ग के मुकाबले में तीन सेट्स होते हैं. नए नियम के मुताबिक फाइनल सेट में जब 6-6 के साथ स्कोर टाई हो जाएगा उसके बाद मैच जारी रहेगा. जो भी खिलाड़ी दो अंकों के अंतर के साथ 10 अंक पहले हासिल करने वही विजेता होता है.

पहले चारों ग्रैंड स्लैम में अलग थे नियम

ऑस्ट्रेलियन ओपन में पहले से ही 10 अंक के टाईब्रेकर का उपयोग होता था. वहीं विम्बलडन में 12-12 के स्कोर के बाद सात अंकों का ट्राईब्रेकर होता था. यूएस ओपन की बात करें तो वहां 6-6 के स्कोर के बाद सात अंकों का टाईब्रेकर होता था. सिर्फ फ्रेंच ओपन में निर्णायक सेट में निर्धारित अंकों वाले टाईब्रेकर का इस्तेमाल नहीं होता था. ऐसे में पहला मौका होगा जब फ्रेंच ओपन टाई ब्रेकर के साथ खेला जाएगा. इस योजना को अंतर्राष्ट्रीय टेनिस महासंघ द्वारा शासित टेनिस समिति के नियमों द्वारा स्वीकृति दी गई है. यह एकल में क्वालीफाइंग, पुरुष एकल और युगल, महिला एकल और युगल, व्हीलचेयर और जूनियर स्पर्धाओं में लागू होगा.

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