North India News: उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में स्थिति गंभीर बनी हुई है। स्कूल बंद हैं और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में भूस्खलन हुआ। इस घटना में दो घर ढह गए और एक व्यक्ति की मौत हो गई। छह लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं। एनडीआरएफ की टीमों ने तीन लोगों को सुरक्षित बचा लिया है। लगातार बारिश बचाव कार्य में बाधा डाल रही है।
राज्य में अब तक 1,292 सड़कें बंद हो चुकी हैं। मंडी में 294 और कुल्लू में 226 सड़कें बंद हैं। मानसून की शुरुआत के बाद से राज्य में 95 फ्लैश फ्लड की घटनाएं दर्ज की गई हैं। बारिश से हुई घटनाओं में 343 लोगों की मौत की सूचना है।
जम्मू-कश्मीर घाटी सड़क मार्ग से पूरी तरह कट गई है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण बंद है। लगभग 3,500 वाहन विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं। रेल यातायात भी पिछले नौ दिनों से ठप पड़ा है।
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर 207.46 मीटर पर स्थिर है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जलस्तर अब धीरे-धीरे कम होगा। बाढ़ का पानी दिल्ली सचिवालय के आसपास के इलाकों में भी घुस गया है।
पंजाब में दशकों की सबसे भीषण बाढ़ की स्थिति है। राज्य में अब तक 37 लोगों की जान जा चुकी है। बाढ़ ने 3.55 लाख से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। सरकार ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को सात सितंबर तक बंद रखने का आदेश दिया है।
हरियाणा सरकार ने भी स्थिति से निपटने के लिए आपात बैठक की। अधिकारियों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब के प्रभावित इलाकों का दौरा किया।

