Uttar Pradesh News: नोएडा में नए साल के जश्न ने राजस्व के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आबकारी विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार एक रात में सत्रह करोड़ रुपये की शराब बिकी। यह बिक्री पिछले तीन वर्षों का सबसे ऊंचा आंकड़ा है।
इकतीस दिसंबर को शहर भर की दुकानों पर लंबी कतारें लगी रहीं। लोगों ने नए साल का स्वागत खूब जोर शोर से किया। इस दौरान लगभग चार लाख लीटर मदिरा की खपत हुई है।
राजस्व में भारी उछाल
आबकारी विभाग के लिए यह नया साल बंपर कमाई लेकर आया है। पिछले वर्ष की तुलना में राजस्व में बाईस प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। दो हजार चौबीस में एक रात में चौदह करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी।
दो हजार तेईस में यह आंकड़ा ग्यारह करोड़ रुपये था। इस बार सत्रह करोड़ रुपये की बिक्री ने सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। महंगाई के बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।
लोगों की पसंद में बदलाव
बिक्री के आंकड़े एक दिलचस्प रुझान दिखाते हैं। सबसे अधिक मांग देशी शराब की रही जिसकी लगभग एक लाख पचहत्तर हजार लीटर बिक्री हुई। इसके बाद बीयर और अंग्रेजी शराब का नंबर आता है।
बीयर की बिक्री में सबसे तेज वृद्धि देखी गई है। इकतीस दिसंबर को एक लाख बीस हजार लीटर बीयर बिकी। पिछले साल इसी दिन बासठ हजार लीटर बीयर की बिक्री हुई थी।
समय में ढील का असर
इतनी भारी बिक्री के पीछे एक प्रमुख कारण प्रशासन द्वारा दी गई ढील है। उत्तर प्रदेश सरकार ने नए साल के मौके पर शराब दुकानों के खुलने का समय एक घंटा बढ़ा दिया था। इस अतिरिक्त समय ने बिक्री बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार के अनुसार बिक्री में उछाल क्रिसमस से ही देखा जा रहा था। पच्चीस दिसंबर को भी शहर में लगभग चौदह करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई थी। यह आंकड़ा भी अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
तुलनात्मक विश्लेषण
तीन वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण एक स्पष्ट रुझान दिखाता है। हर वर्ष नए साल की पूर्व संध्या पर शराब की बिक्री में वृद्धि हो रही है। इससे पता चलता है कि उत्सव मनाने के तरीके बदल रहे हैं।
मात्रा के हिसाब से देखें तो इस बार बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। चार लाख लीटर का आंकड़ा शहर की बढ़ती आबादी और खपत क्षमता को दर्शाता है। नोएडा में बिक्री के ये आंकड़े राज्य के अन्य शहरों से अधिक हैं।
आबकारी विभाग की तैयारी
इतनी भारी बिक्री को संभालने के लिए आबकारी विभाग ने पहले से तैयारी की थी। दुकानों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया था। सुरक्षा और प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
विभाग ने दुकानदारों को अतिरिक्त स्टाफ रखने की सलाह दी थी। इससे ग्राहकों की लंबी कतारों को प्रबंधित करने में मदद मिली। कैश और डिजिटल भुगतान दोनों की व्यवस्था सुचारू रखी गई।
बिक्री के आंकड़ों का महत्व
शराब की बिक्री से प्राप्त राजस्व सरकार के लिए महत्वपूर्ण आय स्रोत है। यह आंकड़े शहर की आर्थिक गतिविधियों का संकेत देते हैं। उत्सव के मौसम में बढ़ी हुई बिक्री खुदरा क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है।
आबकारी विभाग इन आंकड़ों का उपयोग भविष्य की योजना बनाने के लिए करता है। स्टॉक प्रबंधन और राजस्व अनुमान में यह जानकारी मददगार होती है। आने वाले वर्षों में बिक्री के पैटर्न का अध्ययन किया जाता है।
नोएडा में बिक्री के ये आंकड़े महानगरीय जीवन शैली को प्रतिबिंबित करते हैं। उत्सव मनाने के तरीकों में समय के साथ बदलाव आया है। बिक्री में निरंतर वृद्धि शहर के विकास और बदलती खपत आदतों का संकेत है।
