International News: नोबेल फाउंडेशन ने रविवार को एक अहम जानकारी साझा की है। फाउंडेशन ने साफ कर दिया है कि नोबेल पुरस्कार को किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। इसे प्रतीकात्मक रूप से भी बांटने की इजाजत नहीं है। यह बयान तब आया है जब वेनेजुएला की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अपना मेडल डोनाल्ड ट्रंप को सौंप दिया था। फाउंडेशन ने कहा कि पुरस्कार विजेता का दर्जा बदला नहीं जा सकता है।
ट्रंप को मेडल देने पर हुई चर्चा
हाल ही में वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात हुई थी। इस दौरान मचाडो ने ट्रंप को अपना 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल गिफ्ट कर दिया। उन्होंने इसे वेनेजुएला की आजादी के समर्थन का प्रतीक बताया। व्हाइट हाउस ने भी इस घटना की पुष्टि की है। ट्रंप ने इसे आपसी सम्मान की अद्भुत अभिव्यक्ति बताया और मेडल स्वीकार कर लिया था। इसी घटना के बाद फाउंडेशन को सफाई देनी पड़ी।
विजेता का नाम नहीं बदल सकता
नोबेल समिति ने नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उनके अनुसार, एक बार पुरस्कार की घोषणा होने के बाद उसे रद्द या साझा नहीं किया जा सकता। विजेता चाहे तो अपना मेडल, डिप्लोमा या इनाम की राशि किसी को भी दे सकता है। यहां तक कि उसे बेचा भी जा सकता है। लेकिन, आधिकारिक रिकॉर्ड में सम्मान हमेशा मूल विजेता के नाम ही रहेगा। पुरस्कार का आधिकारिक दर्जा किसी और को नहीं सौंपा जा सकता।
अल्फ्रेड नोबेल की इच्छा सर्वोपरि
फाउंडेशन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह फैसला अल्फ्रेड नोबेल की इच्छा के मुताबिक है। उनके नियमों का पालन करना जरूरी है। यह पुरस्कार उन्हीं लोगों को मिलता है जिन्होंने मानवता के लिए सबसे बड़ा योगदान दिया हो। इसलिए इस सम्मान को किसी और के नाम करना नियमों के खिलाफ है। फाउंडेशन का उद्देश्य केवल अल्फ्रेड नोबेल के विजन को सुरक्षित रखना है।
