Tech News: सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी Meta अब सिर्फ बातों तक सीमित नहीं रहना चाहती। मार्क जुकरबर्ग की कंपनी ने चुपचाप ‘Manus’ नाम के एक स्टार्टअप को खरीद लिया है। यह डील टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकती है। अब Meta का पूरा फोकस ऐसे स्मार्ट सिस्टम बनाने पर है जो इंसान की तरह फैसले ले सकें। यह नया AI केवल जवाब नहीं देगा, बल्कि आपके ऑफिस के मुश्किल काम भी खुद निपटाएगा।
क्यों खास है यह डील?
Meta के लिए यह सौदा उसकी लंबी रणनीति का हिस्सा है। कंपनी चाहती है कि उसके ऐप्स और बिजनेस टूल्स में काम अपने आप हो जाएं। भले ही डील की कीमत का खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन संकेत साफ हैं। कंपनी अब ऐसे ‘एजेंट्स’ को विकसित करना चाहती है जो असली दुनिया की समस्याओं को सुलझा सकें। इस अधिग्रहण से Meta की तकनीकी क्षमता काफी बढ़ जाएगी।
क्या करता है Manus AI?
Manus कोई साधारण कंपनी नहीं है। यह ऐसे एडवांस टूल्स बनाती है जो कोडिंग से लेकर मार्केट रिसर्च तक सब खुद कर लेते हैं। यह AI बड़े डेटा का विश्लेषण करने में भी माहिर है। हाल ही में इसने दावा किया था कि यह कुछ मामलों में OpenAI के टूल्स से भी बेहतर काम करता है। इसी खूबी ने Meta का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह सिस्टम बिना थके घंटों का काम मिनटों में कर सकता है।
तेजी से चढ़ी सफलता की सीढ़ियां
यह स्टार्टअप अभी नया है, लेकिन इसकी रफ़्तार ने सबको हैरान कर दिया है। लॉन्च के सिर्फ आठ महीनों में ही इसका रेवेन्यू 100 मिलियन डॉलर के पार पहुंच गया था। दुनिया भर में लाखों लोग और बिजनेस इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। Meta को इसमें एक मजबूत भविष्य दिखा है। यही वजह है कि कंपनी ने इसे अपने साथ जोड़ने में बिल्कुल देर नहीं की।
चीन से सिंगापुर तक का सफर
इस कंपनी की कहानी भी काफी दिलचस्प है। इसकी शुरुआत चीन के एक स्टार्टअप के हिस्से के तौर पर हुई थी। बाद में यह अलग कंपनी बनी और अपना मुख्यालय सिंगापुर शिफ्ट कर लिया। इसे कई बड़े वैश्विक निवेशकों का साथ मिला है। अब Meta के साथ जुड़ने के बाद इसकी ताकत दोगुनी हो जाएगी। कंपनी के सीईओ शाओ होंग भी इस नई शुरुआत से काफी उत्साहित हैं।
अब आगे क्या होगा?
अगर आप Manus के यूजर हैं तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। Meta ने साफ किया है कि सब्सक्रिप्शन सेवाएं पहले की तरह चलती रहेंगी। कंपनी की पूरी टीम अब Meta की AI यूनिट का हिस्सा बनेगी। इससे न सिर्फ टैलेंट का आदान-प्रदान होगा, बल्कि टेक्नोलॉजी भी बेहतर होगी। यह कदम आने वाले समय में डिजिटल दुनिया को पूरी तरह बदल सकता है।
