उत्तराखंड में सियासी संकट के बाद हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। दरअसल, केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन से अब हरियाणा सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कांग्रेस विधान सभा में भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के खिलाफ बुधवार (10 मार्च) को अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। इसे देखते हुए पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने सदस्यों को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी कर दिया है।

इस बीच जेजेपी के विधायक डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला पर गठबंधन तोड़ने का दबाव बना रहे हैं। विधायक देवेंद्र सिंह बबली ने कहा है कि उनकी पार्टी को अब गठबंधन तोड़ देना चाहिए। जनता का हमसे विश्वास उठ गया है। गांव में हमको घुसने नहीं दिया जाता है।

उन्होंने आगे कहा, ‘अगर अकेले मेरे वोट के साथ सरकार गिर जाती है, तो मैं इसे आज ही करूंगा। क्या संदेश जाएगा? पूरी पार्टी को एक स्टैंड लेना चाहिए। हमें लोगों के बीच खुद को बचाने के लिए कवच रखने की जरूरत है, या तो सरकार को अगले 15 दिनों में किसानों के मुद्दे हल करना चाहिए या हमें अपना समर्थन वापस लेना चाहिए।’ बता दें कि जजपा ने भी अपने विधायकों को व्हिप जारी किया है।

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘हरियाणा सरकार ने लोगों का विश्वास खो दिया है, उनका समर्थन करने वाले विधायक और निर्दलीय उम्मीदवार भी पीछे हट गए हैं. अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा और मतदान किया जाएगा। कई चेहरे बेनकाब होंगे। लोगों की आवाज उठाना विपक्ष का काम है।’

BJP ने जारी किया व्हिप

हरियाणा सरकार के मंत्री और भाजपा के मुख्य सचेतक कंवर पाल ने कहा, ‘हरियाणा विधान सभा के बजट सत्र के दौरान भारतीय जनता विधायक दल के सभी सदस्यों से 10 मार्च को सदन में लगातार उपस्थित रहने का अनुरोध किया जाता है।’ उन्होंने कहा, ‘नेतृत्व की अनुमति के बिना वह सदन से बाहर न जाएं। इस दौरान कई महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा होगी। सदस्यों से अनुरोध है कि वे मतविभाजन और मतदान के समय उपस्थित रहें।’

कांग्रेस ने भी जारी किया व्हिप

कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता बी बी बत्रा ने कहा, ‘कांग्रेस विधायक दल, हरियाणा के सदस्यों को सूचित किया जाता है कि सदन में सरकार के विरुद्ध 10 मार्च को अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं व्हिप जारी करता हूं कि आप अनिवार्य रूप से 10 मार्च को सुबह 10 बजे सदन में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें और अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान का समर्थन करें। सदस्यों से अनुरोध है कि वे सीएलपी नेता से अनुमति लिए बिना सदन से बाहर न जाएं।’

हरियाणा विधान सभा में सीटों का गणित

गौरतलब है कि हरियाणा विधान सभा में 90 सीटें हैं और वर्तमान में 88 सदस्य हैं। उनमें से भाजपा के 40, जजपा के 10 और कांग्रेस के 30 सदस्य हैं। सात निर्दलियों में से पांच सरकार को समर्थन दे रहे हैं। इसके अलावा एक सदस्य हरियाणा लोकहित पार्टी का है और वह भी सरकार के समर्थन में है।

error: Content is protected !!