Uttar Pradesh News: सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराया। कोर्ट ने मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को बरी करने के आदेश को बरकरार रखा। मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई की पीठ ने सीबीआई और पीड़ित परिवारों की 14 अपीलों को खारिज किया। हाई कोर्ट ने 2023 में ट्रायल कोर्ट की मौत की सजा को पलट दिया था। यह फैसला पीड़ितों के लिए निराशाजनक रहा।
हाई कोर्ट ने दी थी राहत
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 16 अक्टूबर, 2023 को निठारी कांड के दोषियों को बरी किया था। पंढेर को दो और कोली को 12 मामलों में राहत मिली। हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को अपर्याप्त सबूतों के आधार पर पलट दिया। नोएडा के इस मामले में बच्चों के साथ बलात्कार और हत्या के आरोप थे। सीबीआई और उत्तर प्रदेश सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी।
पीड़ित परिवारों का दर्द
निठारी कांड ने पीड़ित परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया। ज्योति के माता-पिता झब्बू लाल और सुनीता ने फैसले पर निराशा जताई। उनकी 10 वर्षीय बेटी का कंकाल निठारी में मिला था। परिवार ने कहा कि उन्हें न्याय नहीं मिला और दोषियों को सजा होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले में कोई खामी नहीं पाई। इस मामले की जानकारी के लिए सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट देखें।
कोर्ट का अंतिम फैसला
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने संक्षिप्त सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश में कोई विकृति नहीं है। निठारी कांड में सीबीआई की 12 और पीड़ितों की दो याचिकाएं खारिज की गईं। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटने के हाई कोर्ट के निर्णय को सही माना। इस फैसले से पीड़ित परिवारों में असंतोष बढ़ गया है।

